बब्बी शर्मा सरगुजा संभाग ब्यूरो :-
खड़गवां:– सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 एक मौलिक अधिकार है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) क में आता है और जिसके तहत नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देना सुनिश्चित किया गया है। यह अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाने और सरकारी कार्यशैली में पारदर्शिता व जवाबदेही के लिए लागू किया गया है। लेकिन जनपद पंचायत खड़गवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोक सूचना का अधिकार अधिनियम को नहीं मानते हैं।
इस जनपद पंचायत खड़गवां के अधिकारी लोक सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन करने वाले आवेदक को न तो निर्धारित समय में वांछित सूचना उपलब्ध कराते हैं और न ही प्रथम अपील दायर करने पर प्रथम अपीलीय प्राधिकार की अपीलीय वाद की सुनवाई करना ही उचित समझते हैं। जिसके कारण आवेदक को वांछित सूचना नहीं मिल पाती है और न ही विभागीय स्तर पर होने वाली मनमानी ही सामने आ पाती है।

विगत माह दिनांक 14/8/25 जनपद पंचायत खड़गवां में आवेदन किया गया था जनसूचना पदाधिकारी जनपद पंचायत खड़गवां से इस विकासखण्ड में मनरेगा में पदस्थ रोजगार सहायक ग्राम पंचायत सकरिया के द्वारा एक ही समय पर दो जगह पर एक तरफ डीएड की डिग्री रेगुलर करना एवं दूसरी तरफ रोजगार सहायक की नौकरी कर वेतन प्राप्त करने की अनुमति पत्र एवं आवक जावक पंजी एवं संलग्न दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने की मांग की थी।
लेकिन आवेदक को समय सीमा पर जानकारी अधूरी और भ्रमित पूर्वक वांछित जानकारी उपलब्ध कराया गया, इससे पूर्व में भी जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ के द्रारा सूचना के अधिकार को मजाक बनाकर रखा है आवेदक के आवेदन को बिना पढ़े ही मनमानी जानकारी दी जाती है जिससे आवेदक को जानकारी सही नहीं मिल रही है जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ के द्रारा इस कानून को गंभीरता से नहीं लिया जाता है?
ऐसे में इस जनपद पंचायत खड़गवां में पसरे अव्यवस्था से जिम्मेदार अधिकारियों की कोई भूमिका नजर नही आती। आरटीआई कार्यकर्ता एवं आवेदकों का आरोप है कि जिस रोजगार सहायक की अनुमति एवं आवक जावक पंजी से संबंधित जानकारी मांगी गई है उन्होंने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर नौकरी कर रहे है। फर्जी तरीके से भूमिका निभाने वाले से सांठगांठ के कारण जनपद पंचायत खड़गवां के द्वारा उसकी जानकारी देने में आनाकानी की जा रही है।
सूचना का अधिकार का सामान्य प्रदर्शन कहीं नही, अधिनियम से अनजान ग्रामीण जन
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 राज्य में लागू किया गया अर्से बीत गया है। लेकिन अब भी जनपद पंचायत खड़गवां के ग्रामीण इस अधिनियम से अनजान हैं।
इससे लोगों को सूचना मिलती है, लेकिन अधिनियम के सामान्य तौर तरीके लोगों को मालूम नही है।
जनपद पंचायत खड़गवां के द्वारा कई तरह के ज्ञानवर्धक स्लोगन, सामान्य जानकारी आदि प्रदर्शित की जा रही है, किंतु आरटीआई की जानकारी का सामान्य प्रदर्शन कहीं नही हो रहा है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनपद पंचायत खड़गवां में सूचना का अधिकार कानून की क्या स्थिति है।



