रतनपुर। शक्ति की उपासना के महान पर्व शारदीय नवरात्र में धर्मनगरी रतनपुर भक्ति और आस्था के रंग में डूबी हुई है। माँ महामाया देवी के दरबार में देश-प्रदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजन के लिए पहुँच रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज ने माँ महामाया मंदिर प्रांगण में भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया, जिसने आस्था, सेवा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संदेश दिया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माता रानी के दर्शन के बाद जब श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिला तो उनके चेहरे पर संतोष और दिव्यता की चमक देखने को मिली। प्रसाद वितरण के इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं ने मिलकर तन-मन से सेवा कार्य में भाग लिया। श्रद्धालुओं की सेवा को ही धर्म मानते हुए समाज ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि नवरात्र पर्व पर आने वाले हर भक्त तक प्रसाद पहुँचे और माँ महामाया की कृपा सब पर बनी रहे।
पूरे वातावरण में “जय महामाया माता की” और “मां जगदंबे की जय” के उद्घोष गूंजते रहे। भक्तिमय माहौल में समाजजनों ने कहा कि नवरात्र शक्ति की साधना का पर्व है, जिसमें मां महामाया से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की जाती है।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने इसे एक पुण्य कार्य बताते हुए चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज की सराहना की। उनका कहना था कि समाज द्वारा किया गया यह सामूहिक सेवा कार्य न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि इससे समाजिक सद्भाव और सहयोग की भावना भी प्रकट होती है।
इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आगे भी ऐसे अवसरों पर समाज सेवा कार्यों के माध्यम से अपनी सहभागिता निभाता रहेगा।
धर्मनगरी रतनपुर में हुआ यह प्रसाद वितरण न केवल नवरात्र पर्व की भव्यता को और बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि जब समाज, सेवा और श्रद्धा एक साथ जुड़ते हैं तो पर्व की पावनता और भी दिव्य हो जाती है।



