गणेश भोय ब्यूरो चीफ
ग्राम पंचायत तमता में आज (शुक्रवार) से अचानक ईंधन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र के मुख्य पेट्रोल पंप पर “पेट्रोल खत्म हो गया है” और “डीजल नहीं है” के पंपलेट लगा दिए गए हैं। इस सूचना के बाद से पंप पर आने वाले ग्राहकों को बिना तेल लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि तमता गांव में कुल दो पेट्रोल पंप मौजूद हैं। इनमें से एक पेट्रोल पंप तकनीकी या अन्य कारणों से पहले से ही बंद पड़ा था। वहीं, चालू हालत में चल रहा यह दूसरा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) का पंप भी आज से ईंधन स्टॉक समाप्त होने के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते स्थानीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल मिलना पूरी तरह ठप हो गया है।
मालिक का बयान: डिपो में आर्डर पेंडिंग
इस मामले पर पेट्रोल पंप मालिक का कहना है कि ईंधन की कमी को देखते हुए डिपो में नया आर्डर पहले ही लगाया जा चुका है। हालांकि, वहां से तेल की सप्लाई कब तक बहाल होगी और टैंकर तमता कब पहुंचेगा, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी, ट्रैक्टर, मालवाहक वाहनों और दैनिक आवागमन के लिए पेट्रोल-डीजल बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक ईंधन की सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मरीजों को अस्पताल ले जाने और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को अब कई किलोमीटर दूर दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
₹150 लीटर ब्लैक में बिक रहा पेट्रोल एक तरफ जहां पंपों पर सूखा पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ तमता की कुछ किराना दुकानों में इस संकट को ‘कमाई का जरिया’ बना लिया गया है। मजबूर और लाचार राहगीरों से आपातकाल की स्थिति में ₹150 प्रति लीटर की मनमानी कीमत वसूल कर अवैध रूप से पेट्रोल बेचा जा रहा है।
इस गंभीर किल्लत और खुलेआम हो रही कालाबाजारी को लेकर जब पत्थलगांव SDM ऋतुराज सिंह बिसेन से सीधे बात की गई, तो SDM ने कहा कि उन्हें तमता के पेट्रोल पंपों में तेल खत्म होने की जानकारी ले रहा हूं हालांकि, उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजकर रिपोर्ट लेने की बात कही है।



