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बुलंद टाइम्स न्यूज, जशपुर। जिले के पत्थलगांव से सत्ता की हनक और रसूख का एक और नया अध्याय सामने आया है। मामला वही, किरदार भी पुराने, बस इस बार कहानी का मोड़ जमीन पर आकर टिक गया है। शिकायतकर्ता रवींद्र गुप्ता ने ऑनलाइन पोर्टल पर गुहार लगाकर स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा व्यंग्य कस दिया है।
विवाद का मुख्य केंद्र: खसरा बदला, जमीन भी गायब!
शिकायत के मुताबिक, जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में एक सरकारी प्लॉट पर पीड़ित परिवार का लगभग 100 वर्षों से कब्जा चला आ रहा था। लेकिन सत्ता और रसूख के जादू से कागजों का खेल कुछ ऐसा पलटा कि:
* कागजी जादूगरी: प्लॉट का पुराना खसरा नंबर 1160 बदलकर रातों-रात 1159/1 कर दिया गया।
* जमीन पर कब्जा: आरोप है कि बीजेपी नेता अवधेश गुप्ता और श्याम नारायण गुप्ता ने मिलकर 5-6 महीने पहले इस जमीन पर जबरन कब्जा जमाया।
* सौदेबाजी: कब्जे के तुरंत बाद उस जमीन को आगे बेच भी दिया गया।
पुराने कारनामे और खामोश पुलिस
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नेताजी का वीडियो और पुराने विवाद पहले भी सुर्खियां बटोर चुके हैं, जिनमें गाली-गलौज और धमकियों के गंभीर आरोप लगे थे। थाने में दी गई शिकायतों पर पुलिसिया नरमी देखकर अब पीड़ितों को ऐसा लगता है मानो कानून का हाथ केवल आम आदमी तक ही पहुँचता है, रसूखदारों के दरवाजे पर जाकर ठिठक जाता है।
शायद यही वजह है कि स्थानीय थाने का चक्कर काटने के बजाय पीड़ित ने मामला सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराया है—ताकि कम से कम डिजिटल दुनिया में नेताजी का “रुतबा” किसी फाइल के नीचे न दब सके।
अब देखना यह होगा कि इस उच्चस्तरीय ऑनलाइन शिकायत के बाद शासन-प्रशासन की नींद खुलती है या फिर यह मामला भी ‘जांच जारी है’ के सरकारी डिब्बे में बंद होकर रह जाता है।




