Oplus_131072
बुलंद टाइम्स न्यूज/योगेश्वर साहू
फिंगेश्वर। 30 साल तक निस्वार्थ सेवा, हृदयगति रुकने से निधन, पति भगवान सिंह ध्रुव सहित फुलझर, जमाही, छुईहा, चरौदा में शोक की लहर। कहावत है कि भगवान हर जगह नहीं पहुंच सकता इसलिए उसने धरती पर डॉक्टर और नर्स बनाए। ऐसी ही एक मसीहा थीं चरौदा की ‘सिस्टर दीदी’ श्रीमती पूनम ध्रुव स्वास्थ्य विभाग में 30 वर्षों तक लगातार गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करने वाली सिस्टर दीदी का बीती रात हृदयगति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से पूरे फिंगेश्वर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है।
30 साल का सेवा इतिहास:
जानकारी के अनुसार स्व. पूनम ध्रुव पिछले 30 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थीं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग चरौदा में थी। इस दौरान उन्होंने दिन-रात की परवाह किए बिना हजारों मरीजों की सेवा की। दवा काउंटर पर बैठी सिस्टर दीदी की मुस्कुराहट ही मरीजों को आधा ठीक कर देती थी। क्षेत्र में बच्चा-बच्चा उन्हें ‘सिस्टर दीदी’ के नाम से जानता था।
रात में भी नहीं करती थीं सेवा से इनकार:
ग्रामीणों ने बताया कि सिस्टर दीदी का स्वभाव बेहद सरल, मृदुभाषी और सहयोगी था। कभी भी कोई प्रसूता, बीमार बच्चा या बुजुर्ग उनके पास आता तो वे बिना किसी भेदभाव के तुरंत उसका इलाज करती थीं। कई बार तो आधी रात को भी बुलावे पर वे घर-घर जाकर सेवा देती थीं।
पति सहित गांवों में शोक:
उनके आकस्मिक निधन से उनके पति श्री भगवान सिंह ध्रुव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं उनके निधन की खबर सुनते ही ग्राम फुलझर, जमाही, छुईहा, चरौदा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हमने सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं, बल्कि एक मां, एक बहन और एक सच्ची सेविका को खो दिया है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
क्षेत्र में श्रद्धांजलि का तांता:
उनके निधन पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, जनपद सदस्य, सरपंच, पंचगण और गणमान्य नागरिकों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिवार को इस वज्रपात को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
विनम्र श्रद्धांजलि – ॐ शांति।




