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बुलंद टाइम्स न्यूज/रामेश्वर सिंह क्षत्रिय
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पीथमपुर मे भगवान कालेश्वर नाथ आदिकाल से विराजमान है जिसकी स्थापना चाम्पा राजघराने के द्वारा किया गया था यह एकमात्र ऐसी जगह है जहां पर होली के समय पंचमी पर बाबा भोलेनाथ की बारात निकाली जाती है जहां पर देश भर के साधु संत एकत्रित होकर बारात में शामिल होते हैं और अपनी अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन भी करते हैं उसे समय लाखों लोगों की भीड़ एकत्रित रहती है लोग भगवान के दर्शन के लिए व बारात में शामिल होने के लिए ललाइत रहते हैं आसपास के गांव के सभी लोगों को होली के बाद पंचमी के इसी दिन का इंतजार करते हैं जो काफी प्रसिद्ध है अभी सावन के महीने चल रहा है जिसमें अंतिम सोमवार पर कई जगह से साधु संत पधारे हुए हैं जिसमें गुजरात हरिद्वार महाकाल की नगरी उज्जैन आदि जगहों से संत महात्मा पहुंचे हुए हैं हमने मीडिया के माध्यम से यहां के संतों के जो प्रमुख व्यवस्थापक हैं जिसे थाना पति के नाम से जाना जाता है उनसे जानना चाहा कि सभी संतो की रहने एवं भोजन की व्यवस्था कैसे होती है उन्होंने बताया कि जो बाहर से आए हुए साधु संत हैं हुए स्वयं अपनी भोजन की व्यवस्था करते हैं एवं रहने के लिए उन लोगों को मंदिर प्रांगण में व्यवस्था रहती है आगे हमने यहां के मुख्य पुजारी श्री मिश्रा जी से भी जानना चाहा कि सावन के अंतिम सोमवार में श्रद्धालुओं के लिए एवं संतों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी उन्होंने बताया कि सभी के लिए भोजन एवं प्रसाद हेतु भंडारे की व्यवस्था रहेगी आज अंतिम सोमवार के दिन यहां पर भजन संध्या का कार्यक्रम रखा गया है जिसके लिए कोरबा से संगीतकार अपनी टीम के साथ पधार रहे हैं जो सुबह से शाम तक चलता रहेगा जिसकी सारी तैयारी पहले से की जा चुकी है लोग आज सुबह से शाम तक भगवान कालेश्वर नाथ की भक्ति में डूबे रहेंगे भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी जगह बेरीकेटीग ही व्यवस्था की गई है एवं हमने प्रशासन से भी सहयोग के लिए अपील किए हैं आज के कार्यक्रम में बाहर से आए हुए साधु संतों एवं श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि उनको दर्शन हेतु किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए इसके लिए ग्राम पीथमपुर के युवाओं का भी टीम तैयार किए हुए हैं।




