कवर्धा/कबीरधाम। जिले के सरोदा से भोरमदेव जाने वाले मार्ग पर तेंदुए की लगातार मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में तेंदुआ तीसरी बार देखा गया है। हाल ही में 17वीं बटालियन सरोदा के पास शंकर तालाब के नजदीक तेंदुए को एक कुत्ते का शिकार करते हुए देखा गया, जिसके बाद आसपास के लोगों में भय बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले ग्राम जैतपुरी-बेंदरची में तेंदुआ दिखाई दिया था। उस दौरान वन विभाग की टीम ने करीब 5 से 6 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान चलाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा था। इसके कुछ दिनों बाद कवर्धा शहर के एक निजी अस्पताल, स्नेहा क्लिनिक में भी तेंदुआ दिखाई दिया था। वहां बिलासपुर से आई टीम ने करीब 5 से 6 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया और तेंदुए को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया था।
इसके बावजूद अब एक बार फिर सरोदा से भोरमदेव मार्ग पर तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार अलग-अलग स्थानों पर तेंदुआ दिखाई देने से लोगों के बीच यह चर्चा है कि आखिर यह वन्यजीव बार-बार इसी इलाके में क्यों पहुंच रहा है।
रात में आवागमन करने वालों में बढ़ी चिंता
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, जंगल से लकड़ी लाने वाले ग्रामीणों और रात के समय इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों में डर का माहौल है। तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है।
वन विभाग द्वारा पहले दो बार तेंदुए का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा जा चुका है, लेकिन अब फिर से इसी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने के बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
वन विभाग से निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम की मांग
लगातार तेंदुआ दिखाई देने की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी बढ़ाने, तेंदुए की आवाजाही का पता लगाने और ग्रामीणों को सतर्क करने की जरूरत है। खासकर रात के समय आवाजाही करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जानी चाहिए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेंदुआ बार-बार आबादी और सड़क के आसपास क्यों नजर आ रहा है। वन विभाग की ओर से इसकी वजह और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
अपील: क्षेत्र के लोग तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, उसे घेरने या भगाने की कोशिश न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।




