रिपोर्ट: उपेंद्र ठाकुर | नवरंगपुर, ओडिशा |
हाटभारवन–सोनारपारा (ओडिशा)। नवरंगपुर जिले के हाटभारवन–सोनारपारा में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रामलीला का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए अंतिम युद्ध का आकर्षक मंचन किया गया। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रामलीला के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीराम, रावण तथा अन्य प्रमुख पात्रों की वेशभूषा धारण कर रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। श्रीराम और रावण के बीच अंतिम युद्ध का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को रामायण की याद दिलाई और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रावण दहन के साथ हुआ अधर्म का अंत
रामलीला के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने के प्रसंग का मंचन किया गया। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही उपस्थित लोगों ने बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश याद किया।
विजयादशमी का यह पर्व समाज को सच्चाई, सदाचार, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श, कर्तव्य और सत्य के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। वहीं रावण दहन लोगों को अहंकार और बुराइयों का त्याग करने का संदेश देता है।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
हाटभारवन–सोनारपारा में आयोजित इस कार्यक्रम में रामलीला के दृश्यों और रावण दहन को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे कलाकारों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। ग्रामीणों ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लेकर विजयादशमी की परंपरा को उत्साहपूर्वक मनाया।
इस प्रकार हाटभारवन–सोनारपारा में विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के साथ संपन्न हुआ।




