अजीत सिंह राजपूत की रिपोर्ट :-
बेमेतरा| कलेक्टर रणबीर शर्मा ने आज जिले की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरिक्षण किया | जिलाधीश ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचकर शहर वासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश देते हुए पानी को स्वच्छ बनाने वाले उपयोग होने सभी पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी लेकर सभी उपकरण के बारे में जानकारी लिया। उन्होंने जल शुद्धिकरण प्रक्रिया का जायजा लिया और प्लांट की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की, समस्याओं की पहचान की और सुधार के सुझाव दिए। कलेक्टर ने शहर को स्वच्छ और सुरक्षित पानी की आपूर्ति करने हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए । उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि, पानी का फ़िल्टर व क्लोरीनेशन निर्धारित मानक अनुसार एवं पानी की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु नियमित रूप से लेबोरेटरी टेस्ट सुनिश्चित किया जायें | इस अवसर पर जॉइंट कलेक्टर अंकिता गर्ग, सीएमओ भूपेंद्र उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे |
सीएमओ भूपेंद्र उपाध्याय ने जल को शुद्ध करने की विधि को विस्तार से समझाया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कैसे काम करता है। उन्होंने जल शुद्धिकरण की विभिन्न चरणों जैसे कि गंदे पानी का संग्रहण, प्राथमिक शोधन, रासायनिक उपचार, फिल्ट्रेशन और अंतिम शुद्धिकरण की प्रक्रिया का वर्णन किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्लांट में किस प्रकार की तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहर को उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल प्राप्त हो। सीएमओ ने प्लांट की क्षमता, रखरखाव और नियमित जांच की भी जानकारी दी।
कलेक्टर ने कहा कि शहरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पानी प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए की निरंतर प्लांट का निरीक्षण और मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें जिलेवासियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध हो। जिलाधीश ने अधिकारी को निरंतर मशीनों की जांच और जल सप्लाई की चेकिंग करने के निर्देश डीओए ताकि शहर को हमेशा शुद्ध और सुरक्षित पानी की आपूर्ति हो सके। इसके लिए सरकारी अधिकारी नियमित अंतराल पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जल सप्लाई सिस्टम का मॉनिटरिंग करें । इस प्रक्रिया में तकनीकी प्रणाली, संयंत्रों की कार्यक्षमता, और उनकी निर्देशिका का भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिससे जल सप्लाई प्रक्रिया विघटनमुक्त और निरंतर उन्नत होती रहे।



