अमित दुबे की रिपोर्ट:-
बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से विकसित ‘अनुभव’ क्यूआर कोड प्रणाली का शुभारंभ आज 5 फरवरी को बिलासपुर पुलिस लाइन स्थित चेतना हाल में गरिमामय समारोह के बीच किया गया।
इस अवसर पर संभाग आयुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। वहीं बिलासपुर रेंज के सभी जिलों—कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ एवं सक्ती—के पुलिस अधीक्षक वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।
आमजन और पुलिस के बीच सीधा संवाद
‘अनुभव’ क्यूआर कोड को स्कैन कर अब कोई भी नागरिक थाने अथवा पुलिस कार्यालय से जुड़े अपने अनुभव, सुझाव या शिकायत सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुंचा सकेगा। क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक सरल गूगल फॉर्म खुलता है, जिसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। फीडबैक देने वाले व्यक्ति के लिए अपनी पहचान व मोबाइल नंबर गोपनीय रखना पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।
तकनीक से सशक्त होगी पुलिस : आईजीपी
पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में पुलिस का तकनीकी रूप से सक्षम होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “अनुभव” के माध्यम से आमजन सरल तकनीक का उपयोग कर पुलिस के साथ अपने वास्तविक अनुभव साझा कर सकेंगे, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार संभव होगा। उन्होंने बताया कि रेंज के सभी आठ जिलों के प्रत्येक थाने में क्यूआर कोड स्थापित कर दिए गए हैं और आज से यह प्रणाली एक साथ लागू कर दी गई है।

जनभागीदारी से बेहतर प्रशासन : संभाग आयुक्त
संभाग आयुक्त सुनील जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार को अपनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सेवक है, इसलिए उसके कार्यों का मूल्यांकन भी आमजन द्वारा होना चाहिए। यह प्रणाली उसी सोच को साकार करती है।
बिना चक्कर लगाए पहुंचेगी बात : कलेक्टर
जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह पहल आम नागरिकों को वरिष्ठ कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना अपनी बात सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम प्रदान करेगी।

फीडबैक के आधार पर होंगे सुधार : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों के अनुभवों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
अन्य जिलों के एसपी ने भी रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने भी अपने विचार साझा करते हुए ‘अनुभव’ को पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी व संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
वीडियो प्रेजेंटेशन और विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान ‘अनुभव’ प्रणाली के उपयोग और उसकी उपयोगिता पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी प्रदर्शित किया गया। सभी अतिथियों द्वारा क्यूआर कोड का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया। अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने आमजन से अपील की कि वे इस व्यवस्था का सदुपयोग करें, सही और वास्तविक फीडबैक साझा करें—चाहे वह प्रशंसा हो या कमी—ताकि पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
आज से बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के सभी थानों में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड के माध्यम से जनता से प्रत्यक्ष संवाद की नई व्यवस्था विधिवत प्रारंभ हो गई|



