विकास भुवाल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट से :-
बेमेतरा, 23 फरवरी 2026:- जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में वर्ष 2026-27 हेतु तैयार किए जा रहे जीपीडीपी प्लान की ऑनलाइन एंट्री, भौतिक प्रगति, वित्तीय प्रगति तथा प्राथमिकता वाले कार्यों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
सीईओ ने निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायतें शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय-सीमा में जीपीडीपी पोर्टल पर योजनाओं की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजना निर्माण में ग्राम सभा की सहभागिता, महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी तथा स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। विशेष रूप से जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में “जल संरक्षण हेतु शॉक पिट/रिचार्ज पिट निर्माण महाअभियान” चलाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक शॉक पिट/रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा तथा भू-जल स्तर में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता से जन-जागरूकता अभियान के रूप में संचालित किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु पूर्व तैयारी, स्थल चयन, तकनीकी स्वीकृति, सामग्री की उपलब्धता तथा श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी, दीवार लेखन, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, ग्राम सभा एवं महिला समूह बैठकों के माध्यम से जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा एवं अन्य संबंधित योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्गेन्स) के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता के साथ लिया जाए। तकनीकी सहायकों को गुणवत्ता नियंत्रण, माप पुस्तिका संधारण तथा समय पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम अधिकारियों एवं जनपद पंचायत सीईओ को नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड निरीक्षण करने के लिए कहा गया।
बैठक में ग्राम पंचायत सचिव, महिला स्व-सहायता समूह की प्रतिनिधि महिलाएं, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, कार्यक्रम अधिकारी, सीईओ जनपद पंचायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन के रूप में विकसित करने की अपील की गई।



