अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। शासकीय महामाया महाविद्यालय रतनपुर में शुक्रवार को वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास, अनुशासन और गरिमा के वातावरण में संपन्न हुआ। महाविद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी सजावट, आकर्षक मंच व्यवस्था और प्रकाश सज्जा से सुसज्जित किया गया था। कार्यक्रम को लेकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन रहे। विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका परिषद रतनपुर के अध्यक्ष लवकुश कश्यप तथा जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कन्हैया यादव शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.डी. कश्यप ने की।
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय की वार्षिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, एनएसएस एवं सांस्कृतिक आयोजनों में विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलताओं का विस्तृत उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया। लोकनृत्य, देशभक्ति गीत, नाट्य मंचन, समूह नृत्य एवं एकल प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता और अनुशासन स्पष्ट झलक रहा था। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि सुनील कुमार जैन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से ही प्राप्त होती है।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की आधारशिला है। महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और मंच प्रदान करना सराहनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर विकास के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों को भी हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

वहीं जनभागीदारी समिति अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कन्हैया यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिले तो वह निश्चित ही नई ऊंचाइयों को छूती है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह के अंत में शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, संस्कृति और सम्मान का संगम ही समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय परिवार के समन्वित प्रयासों से संपन्न हुआ तथा आभार प्रदर्शन के साथ समारोह का समापन किया गया।



