ब्लॉक चारामा क्षेत्र में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 150 से 200 महिलाएं शिक्षा से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों एवं महिलाओं को 10वीं की तैयारी कराकर ओपन बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित कराया जाता है। इस वर्ष ब्लॉक चारामा से कुल 169 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं सफल रहीं।
शिक्षा प्राप्त करने के बाद महिलाएं स्वरोजगार एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। साथ ही ग्रामीण युवाओं को विभिन्न स्किलिंग कोर्सों की जानकारी देकर रोजगार से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। 10वीं की शिक्षा प्राप्त कर महिलाएं अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ रही हैं तथा आत्मविश्वास के साथ जीवनयापन कर रही हैं।
शिक्षा के माध्यम से कई महिलाएं बीमा सखी, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण, कृषि सेवा केंद्र, किराना दुकान तथा सिलाई कार्य जैसे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आजीविका चला रही हैं। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सत्र 2026-27 में ब्लॉक चारामा के हाराडुला, जेपरा, किलेपार, पंडरीपानी, भिलाई, मायाना, लीलेझर, भोथा, जवरतरा एवं टहकापार सहित विभिन्न गांवों में शिक्षा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें से कई केंद्रों का उद्घाटन हो चुका है और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इस वर्ष लगभग 250 महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के साथ-साथ कृषि आधारित आजीविका संवर्धन पर भी कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, धान की खेती, मशरूम उत्पादन तथा विभिन्न मौसमों में फसल उत्पादन की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे वे अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में गांव के सरपंच, उपसरपंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के ओमप्रकाश पाटले, बलिराम दिव्य, उदय नारायण, गौकरण, विजय साहू, रविंद्र मरकाम, मीना साहू, प्रीति रामटेके, मोहपतराम साहू,दिलेश्वर दास महंत एवं समस्त कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का मानना है कि नारी शिक्षा ही समाज और देश के विकास की आधारशिला है। इसी उद्देश्य के साथ महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
प्रथम एजुकेशन के माध्यम से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर
ब्लॉक चारामा क्षेत्र में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 150 से 200 महिलाएं शिक्षा से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों एवं महिलाओं को 10वीं की तैयारी कराकर ओपन बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित कराया जाता है। इस वर्ष ब्लॉक चारामा से कुल 169 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं सफल रहीं।
शिक्षा प्राप्त करने के बाद महिलाएं स्वरोजगार एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। साथ ही ग्रामीण युवाओं को विभिन्न स्किलिंग कोर्सों की जानकारी देकर रोजगार से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। 10वीं की शिक्षा प्राप्त कर महिलाएं अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ रही हैं तथा आत्मविश्वास के साथ जीवनयापन कर रही हैं।
शिक्षा के माध्यम से कई महिलाएं बीमा सखी, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण, कृषि सेवा केंद्र, किराना दुकान तथा सिलाई कार्य जैसे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आजीविका चला रही हैं। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सत्र 2026-27 में ब्लॉक चारामा के हाराडुला, जेपरा, किलेपार, पंडरीपानी, भिलाई, मायाना, लीलेझर, भोथा, जवरतरा एवं टहकापार सहित विभिन्न गांवों में शिक्षा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें से कई केंद्रों का उद्घाटन हो चुका है और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इस वर्ष लगभग 250 महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के साथ-साथ कृषि आधारित आजीविका संवर्धन पर भी कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, धान की खेती, मशरूम उत्पादन तथा विभिन्न मौसमों में फसल उत्पादन की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे वे अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में गांव के सरपंच, उपसरपंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के ओमप्रकाश पाटले, बलिराम दिव्य, उदय नारायण, गौकरण, विजय साहू, रविंद्र मरकाम, मीना साहू, प्रीति रामटेके, मोहपतराम साहू,दिलेश्वर दास महंत एवं समस्त कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का मानना है कि नारी शिक्षा ही समाज और देश के विकास की आधारशिला है। इसी उद्देश्य के साथ महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
न्यूज रिपोर्ट
कन्हैया सिंह ठाकुर चारामा
मो. न. 9516677780




