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कलेक्टर के निर्देश पर जनसंवाद-2.0 के तहत ग्रामीणों ने तय की इसकी विकास की प्राथमिकताएं, 125 दिन रोजगार के अधिकार की ली शपथ।
बुलन्द टाइम्स न्यूज/अमरजीत सिंह
कोरिया/बैकुंठपुर। कोरिया जिले में ग्राम सभाएं अब केवल योजनाओं और प्रस्तावों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की सहभागिता से गांव के विकास की दिशा तय करने का सशक्त मंच बन रही हैं। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में जिले की ग्राम पंचायतों में 20 से 24 अगस्त तक आयोजित ग्राम सभाओं के दौरान जनसंवाद-2.0 ‘विकसित भारत ग्राम संकल्प’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने ‘मेरा गांव, मेरी प्राथमिकता’, ‘125 दिन रोजगार-मेरा अधिकार’, ‘विकसित भारत संदेश कार्ड’, ‘जनता पूछे- पंचायत बताए’ और ‘तिरंगे के साथ विकास संदेश’ जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों ने अपने गांव की जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं को सामने रखा तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
मेरा गांव, मेरी प्राथमिकता से तय हुई विकास की दिशा…
जनसंवाद-2.0 के तहत ग्राम सभाओं में ‘मेरा गांव, मेरी प्राथमिकता’ विषय पर वोटिंग वॉल गतिविधि आयोजित की गई। ग्रामीणों ने अपने गांव के लिए आवश्यक विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के रूप में चिन्हित करते हुए अपनी पसंद दर्ज कराई।
इस गतिविधि से गांव की वास्तविक आवश्यकताओं और ग्रामीणों की अपेक्षाओं को प्राथमिकता क्रम में दर्ज किया गया, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को वीबीजीरामजी अधिनियम के अंतर्गत 125 दिवस के रोजगार के अधिकार की जानकारी दी गई। इसके बाद उपस्थित ग्रामीणों ने ‘125 दिन रोजगार-मेरा अधिकार’ की शपथ ली।
इस दौरान ग्रामीणों को रोजगार के अधिकार, उपलब्ध रोजगार के अवसरों और सामुदायिक विकास में उनकी भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई। शपथ के माध्यम से ग्रामीणों ने रोजगार एवं विकास से जुड़े अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जनसंवाद कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को ‘विकसित भारत संदेश कार्ड’ के माध्यम से अपने गांव के विकास को लेकर सुझाव और विचार साझा करने का अवसर दिया गया। ग्रामीणों ने स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं, गांव की आवश्यकताओं और विकसित भारत के निर्माण में गांवों की भूमिका से जुड़े अपने विचार संदेश कार्ड में दर्ज किए।
प्राप्त सुझावों को सुझाव पेटी में संग्रहित किया जा रहा है, ताकि विकास की प्राथमिकताओं में ग्रामीणों की आवाज को शामिल किया जा सके। ग्रामीणों को बताया गया कि विकसित भारत की मजबूत नींव गांवों के समग्र विकास, स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान और जनभागीदारी से तैयार होगी।
जनसंवाद-2.0 की प्रमुख गतिविधि ‘जनता पूछे- पंचायत बताए’ ग्रामीणों और पंचायत के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन रही है। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को पंचायत के विकास कार्यों, योजनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े सवाल पूछने का अवसर मिला।
इस संवाद के माध्यम से पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा ग्रामीणों की शंकाओं और सवालों का समाधान किया गया। इससे ग्राम सभा को अधिक सहभागी, संवादात्मक और जनकेंद्रित स्वरूप मिला।
तिरंगे के साथ निकली विकास संकल्प की रैली…
ग्राम सभा की कार्यवाही के पश्चात ग्रामीणों ने तिरंगे के साथ विकास संदेश रैली निकाली। रैली में ग्रामीणों ने विकास, जनभागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दिया।
ग्रामीणों ने गांव के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेते हुए यह संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना गांवों के समग्र विकास और जनभागीदारी से ही साकार होगा।
ग्राम सभा लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी-कलेक्टर…
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था में ग्राम सभा की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से ग्राम पंचायतों में विकास को लेकर संवाद और भागीदारी की नई तस्वीर सामने आ रही है।




