दल बनाकर किया फर्जी शिकायत और बनाए 11 झूठे गवाह…
पीड़ित को बताया शराबी, अनुपस्थित पर भी गैर कानूनी शिकंजा।
बुलंद टाइम्स न्यूज, गरियाबंद। छुरा जिला गरियाबंद के छुरा प्रखंड अंतर्गत ग्राम फुलझर का है जहां 20-30 लोगों की झुंड ने ग्राम प्रमुख को मीटिंग में बुलाकर बेरहमी से पिटाई कर लहूलुहान कर दिया था। मौके पर उपस्थित छोटे बेटे का सिर फोड़ा और अनुपस्थित बड़े बेटे के खिलाफ फर्जी कार्रवाई करवाई गई। बात सिर्फ इतना था ग्राम का मुखिया डीहू राम साहू अपने काबिज जमीन पर मंदिर निर्माण करना चाहता था जिसे रोक लगाने ग्राम के संतु ध्रुव और उनके गुर्गों ने मारपीट की घटना को अंजाम दिया। केवल मारपीट ही नहीं किया गया बल्कि मुखिया से इस्तीफा की भी मांग की गई। थाना फिंगेश्वर के शरण पहुंचने पर थाना प्रभारी देशमुख और उपनिरीक्षक नीलू दिवान ने पीड़ित का प्राथमिकता दर्ज ही नहीं किया विपरीत आरोपियों के साथ मिलीभगत कर आवेदक को ही फर्जी SC/ST प्रकरण में फंसा दिया। डीएसपी गरियाबंद नीतू सिन्हा ने मामला का बिना निष्पक्ष जांच कराए पीड़ित परिवार को ही आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार स्थानीय विधायक, पुलिस महानिदेशक रायपुर, मुख्यमंत्री कोर्ट तथा महामहिम राज्यपाल से लगाई है मगर आज पर्यंत आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है उन्होंने किसी भी प्रकार का अश्लिल गाली गलौच, जातीसूचक वाक्य का प्रयोग किया ही नहीं है
। लोगों द्वारा ईर्ष्यावश कूट रचना कर झूठा प्रकरण दर्ज करवा उनकी छबि धूमिल की। उन्होंने कहा कि ग्रामों में मीटिंग बुलवाने की जवाबदेही प्रमुखों की होती है। संतु ध्रुव ने लोगों को भड़काकर, शराब पिलाकर प्राणघातक हमला करवाया था जिसमें अधिकतर अवैद्य शराब और गांजा विक्रेता थे। संपूर्ण मीटिंग का ऑडियो आवेदक के पास उपलब्ध है जिसे वह अपने बचाव के लिए माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष पेश करेंगे।
पूर्व में भी साहू परिवार के ऊपर इस तरह की घटनाएं हो चुका है जिसमें मकान निर्माण पर रोक लगाकर फर्जी बलात्कार, चोरी, शांति भंग जैसे विभिन्न प्रकरण दर्ज करवाये थे।जिनसे फिंगेश्वर पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवाल उठा था। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच की मांग कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।




