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बुलंद टाइम्स न्यूज/रामेश्वर सिंह क्षत्रिय
जांजगीर-चांपा। लाल चंदन की लकड़ी भारत में सबसे संरक्षित वन उत्पाद में से एक है इसके संरक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा कई प्रकार के संरक्षण अधिनियम एवं कानून बनाए गए हैं लाल चंदन की लकड़ी के विभिन्न औषधीय गुणों के कारण इसका फार्मास्यूटिकल इंडस्टरीज स्किन केयर फर्नीचर्स एवं लग्जरी वाद्य यंत्र में उपयोग किया जाता है अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार इसकी काफी मांग बनी रहती है सालाना प्रतिवर्ष पूरे विश्व में 4000 टन से भी अधिक लाल चंदन की मांग रहती है लेकिन सप्लाई मात्र 300 से 400 टन तक ही रहती है इस कारण इसकी कीमत हर साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती चली जा रही है इसी भारी गैप को पूरा करने के लिए देश में हजारों की संख्या में तस्करों का गिरोह एक्टिव है जो लाल चंदन लकड़ी की तस्करी को अंजाम देते हैं इस व्यवसाय में भारत देश में कुछ ही कंपनी सरकारी रूप से लाल चंदन की खरीदी बिक्री आयात निर्यात इत्यादि के लिए रजिस्टर्ड है अर्थात पंजीकृत है इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ की पहली कंपनी शुद्धतम चंदन ट्रेडर्स जिसके प्रोपराइटर श्री मनीष सिंह क्षत्रिय है जो पिछले लगातार चार वर्षो से इस क्षेत्र में कार्यरत है जिन्हें आज लाल चंदन की खरीदी बिक्री आयात निर्यात इत्यादि कार्य के लिए लाइसेंस प्राप्त हुआ है जिसके आधार पर यह कंपनी भारत देश के गिने-चुने लाइसेंस प्राप्त कंपनियों में से एक बन चुकी है इस कंपनी को उद्देश्य मार्केट में नकली चंदन के नाम पर हो रहे करोड़ों के व्यवसाय को रोकते हुए शुद्ध प्राकृतिक चंदन हर घर तक पहुंचाना फार्मास्यूटिकल इंडस्टरीज एवं लाल चंदन से जुड़े हुए मांग क्षेत्र तक लकड़ी का उचित ढंग से नियमानुसार सप्लाई करना इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य है।




