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विभिन्न राज्यों में 50 साइबर अपराध की शिकायतें, करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े तार; 25 दिनों में एक खाते से हुआ 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन।
बुलंद टाइम्स न्यूज, बिलासपुर। साइबर वित्तीय अपराधों पर शिकंजा कसते हुए बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से साइबर वित्तीय अपराध संबंधी कुल 50 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य आम लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंक खाते, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड तथा अन्य बैंकिंग साधनों की जानकारी साइबर अपराध से जुड़े लोगों को उपलब्ध कराई जाती थी। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और आगे दूसरे बैंक खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। ऐसे खातों को सामान्यतः म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है।
25 दिनों में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन
प्रकरण की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित एक बैंक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध राशि के लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद हुई। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पाया गया कि अजय फार्म हाउस के नाम से संचालित बैंक खाते में 18 मई 2026 से 12 जून 2026 के बीच महज 25 दिनों में कुल ₹2,20,68,443 की संदिग्ध राशि का हस्तांतरण हुआ था। बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, KYC दस्तावेज और अन्य बैंकिंग अभिलेखों की जांच के बाद खाते के साइबर वित्तीय अपराध में इस्तेमाल किए जाने के महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल नंबर, विभिन्न बैंक खातों, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के आपसी संपर्कों का विश्लेषण किया। इसी जांच के दौरान एक-एक कर छह आरोपियों की भूमिका सामने आई।
छह आरोपियों की भूमिका हुई उजागर
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार सोनी निवासी तखतपुर, अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू निवासी जरहागांव, भास्कर कश्यप निवासी मंगला बिलासपुर, नरेन्द्र कुर्रे निवासी बाराद्वार जिला सक्ती, आशीष तिवारी निवासी कोरबा तथा देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन निवासी रायपुर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार अजय कुमार सोनी ने अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया था तथा नेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर लिंक कराया था। जांच में उसके खाते में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि का लेन-देन मिला। पुलिस ने उसके बताए अनुसार मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू पर बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए संपर्क स्थापित कराने और इसके बदले कमीशन प्राप्त करने की भूमिका सामने आई है। जांच में उसके द्वारा अजय कुमार सोनी को बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार कराने की जानकारी मिली।
भास्कर कश्यप ने अजय कुमार सोनी के कहने पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में अपना खाता खुलवाया था। पुलिस के अनुसार उसे बताया गया था कि खाते का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन के लिए किया जाएगा और इसके बदले उसे कमीशन दिया जाएगा।
नरेन्द्र कुर्रे की भूमिका बैंक खातों की व्यवस्था करने और खाताधारकों को साइबर अपराध से जुड़े लोगों से संपर्क कराने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है। पुलिस जांच के अनुसार खातों के लेन-देन के आधार पर खाताधारकों को लगभग 2.8 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जाती थी।
आशीष तिवारी ने नरेन्द्र कुर्रे के कहने पर बैंक खाता खुलवाकर ऑनलाइन फ्रॉड में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया। पुलिस के मुताबिक इसके बदले उसे ₹25,000 कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई है।
वहीं देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन गतिविधियों के लिए तैयार करने की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार उसने आशीष तिवारी के बैंक खाते में भी आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड किए थे।
11 से अधिक राज्यों में सामने आईं शिकायतें
तकनीकी और बैंकिंग जांच में आरोपियों के खातों के संबंध में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें सामने आई हैं। अजय कुमार सोनी के बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें, जबकि भास्कर कश्यप के बैंक खाते के विरुद्ध 24 शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा नरेन्द्र कुर्रे के खाते के संबंध में 2 शिकायतें तथा आशीष तिवारी के खाते के संबंध में 3 शिकायतें सामने आई हैं।
इस प्रकार आरोपियों से संबंधित बैंक खातों के विरुद्ध कुल 50 साइबर वित्तीय अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है। पुलिस द्वारा इन शिकायतों के आपसी संबंधों और रकम के लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों और खातों तक पहुंचने की कवायद
पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी अपने नेटवर्क में लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने में करते थे। पुलिस अब आरोपियों के बीच हुए संपर्क, बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने बैंक खाते जुड़े हैं तथा साइबर अपराध से जुड़े अन्य कौन-कौन से व्यक्ति इसमें शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन और मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी श्री गगन कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई।
प्रकरण की कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक तथा रेंज साइबर थाना के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




