Oplus_131072
बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
रतनपुर। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध और आस्था के प्रमुख केंद्र सिद्धिविनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं विशाल भंडारे का आयोजन बड़े ही धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में किया गया।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्तों ने भगवान श्री गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर महंत दिव्यकांत दास जी महाराज ने भगवान श्री गणेश की विशेष पूजा-अर्चना एवं आराधना कर विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। उन्होंने भगवान सिद्धिविनायक से छत्तीसगढ़ सहित पूरे प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महंत दिव्यकांत दास जी महाराज ने कहा
इस अवसर पर महंत दिव्यकांत दास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व हमें श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। भगवान सिद्धिविनायक की कृपा से सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और प्रदेश में विकास, समृद्धि एवं आपसी भाईचारा कायम रहे, यही हमारी प्रार्थना है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सेवा और सद्भावना की भावना को मजबूत करते हैं। भंडारे के माध्यम से जरूरतमंदों एवं श्रद्धालुओं की सेवा करना भी भगवान की सेवा के समान है।
भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रबंधन एवं आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सिद्धिविनायक मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति का वातावरण पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से अपने परिवार की सुख-समृद्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश की उन्नति, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। धार्मिक आयोजन के समापन पर भगवान श्री गणेश के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।




