अमित दुबे की रिपोर्ट | बुलंद टाइम्स न्यूज़
रतनपुर। धर्म, आस्था और संस्कृति की पावन नगरी रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति के साथ जनसेवा की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के छठवें दिन कुर्मी समाज रतनपुर द्वारा विशेष पूजा-अर्चना कर मां महामाया के प्रति श्रद्धा अर्पित की गई। इसके पश्चात माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को फल वितरित कर सेवा, समर्पण और मानवता का प्रेरणादायक संदेश दिया गया।
मां महामाया के दरबार में इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है। दूर-दराज से पहुंच रहे भक्त माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। ऐसे पावन वातावरण में कुर्मी समाज के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को फल वितरित कर धार्मिक आस्था को जनसेवा से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया। समाज की इस पहल से मंदिर परिसर में सेवा और सद्भाव का भाव नजर आया।
परंपरा का निर्वहन, सेवा के संकल्प को नई मजबूती
कुर्मी समाज रतनपुर द्वारा प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रि के दौरान मां महामाया के दरबार में श्रद्धालुओं के लिए फल वितरण का सेवा कार्य किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज ने इस वर्ष भी सामूहिक सहभागिता के साथ भक्तों की सेवा की। यह पहल दर्शाती है कि धार्मिक परंपराएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि उनके माध्यम से समाज में सहयोग, करुणा और परस्पर सद्भाव की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है।
नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर श्रद्धालुओं को फल वितरित करना सेवा और समर्पण की उसी भावना का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति की मूल पहचान रही है। समाज के सदस्यों ने एकजुट होकर इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाई और मां महामाया के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।


समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने निभाई सहभागिता
इस सेवा कार्य में कुर्मी समाज रतनपुर के अध्यक्ष नरेंद्र चंद्राकर, महासचिव विजय वर्मा, संयोजक आदित्य कश्यप, मनोहर चंदेल, बबलू दुर्गा कश्यप, महेंद्र कश्यप, ज्ञानेन्द्र कश्यप, धर्मेन्द्र चंदेल, अनिल चंदेल, सीता कश्यप, सरोज कश्यप, मीनाक्षी कश्यप एवं अर्चना कश्यप सहित समाज के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर फल वितरण के कार्य में सहयोग दिया और श्रद्धालुओं की सेवा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
भक्ति के साथ मानव सेवा ही सच्ची साधना
मां महामाया की पावन नगरी रतनपुर में कुर्मी समाज द्वारा किया गया यह सेवा कार्य नवरात्रि के आध्यात्मिक संदेश को सार्थक करता है। मां दुर्गा की आराधना हमें करुणा, सहयोग, त्याग और लोककल्याण की प्रेरणा देती है। जब श्रद्धा के साथ सेवा का भाव जुड़ता है, तब धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बन जाते हैं।
कुर्मी समाज रतनपुर की यह पहल समाज में सकारात्मकता, सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने वाली है। मां महामाया के चरणों में सेवा समर्पित कर समाज ने यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा वही है, जिसमें आस्था के साथ मानवता और दूसरों की सेवा का भाव भी समाहित हो।




