सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए करीब एक माह से लापता युवक को उसके परिजनों से मिला दिया। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला युवक काम की तलाश में नोएडा गया था, जहां से वह लापता हो गया था। पुलिस ने उसे मंदोड़ा क्षेत्र में भटकते हुए मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार के दौरान उसकी पहचान कर परिजनों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को थाना ओरछा क्षेत्र के पुलिस कैंप मंदोड़ा में तैनात सुरक्षाकर्मी एक असहाय व्यक्ति को थाना नारायणपुर लेकर पहुंचे। वह पिछले 10 से 12 दिनों से कैंप के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भटक रहा था। पूछताछ के दौरान वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। उसकी मानसिक स्थिति असामान्य प्रतीत हो रही थी और शारीरिक स्वास्थ्य भी कमजोर था। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल उसे जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उपचार शुरू किया गया।
सोनभद्र पुलिस के सहयोग से हुई पहचान
उपचार के बाद युवक की स्थिति में सुधार होने पर पुलिस ने दोबारा पूछताछ की। इस दौरान वह बार-बार सोनभद्र और रामगढ़ गांव का नाम बता रहा था। इसके आधार पर नारायणपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की पुलिस से संपर्क किया। जांच में युवक की पहचान सुनील कुमार भारती, पिता विनोद कुमार भारती, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रामगढ़, थाना कोन, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।
सोनभद्र पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुनील करीब एक माह पहले रोजगार की तलाश में नोएडा गया था, जहां से वह लापता हो गया था। नारायणपुर पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर युवक के सुरक्षित होने और अस्पताल में उपचार कराए जाने की जानकारी दी।
छोटे भाई से मिलकर भावुक हुआ युवक
सूचना मिलने के बाद सुनील का छोटा भाई विकास कुमार भारती 16 अक्टूबर को थाना नारायणपुर पहुंचा। पुलिस ने आवश्यक पहचान की पुष्टि के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाकर दोनों भाइयों का मिलन कराया। लंबे समय से बिछड़े भाइयों का पुनर्मिलन भावुक क्षण रहा।
चिकित्सकों द्वारा डिस्चार्ज किए जाने के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर सुनील कुमार भारती को उसके छोटे भाई के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर के मार्गदर्शन में एसडीओपी छोटे डोंगर मनोज मंडावी, एसडीओपी नारायणपुर अजय सिंह, थाना प्रभारी ओरछा राजेश पाण्डेय और थाना प्रभारी नारायणपुर विनीत दुबे सहित संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।
नारायणपुर पुलिस ने कहा कि जरूरतमंद, असहाय और भटके हुए व्यक्तियों की सहायता करना पुलिस के मानवीय दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।




