रामेश्वर सिंह क्षत्रिय जांजगीर चांपा
जांजगीर-चांपा : जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम सुकली मे यहां के आदिवासियों( गोड़ ) जाति के लोगों ने परंपरा से कुछ हटकर दशहरा के 5 दिन बाद अलग ढंग से दशहरे का त्यौहार मनाया जिसमें रावण की जगह कुंभकरण का विशाल रूप बनाकर उनका दहन किया साथ ही मेघनाथ एवं रावण का भी छोटे रूप में दहन किया अपनी ही जाति के लोगों को राम लक्ष्मण एवं हनुमान जी बनाकर रथ में सवारी करते हुए|
ढोल धमाके एवं आतिशबाजी के साथ बहुत ही धूमधाम से दशहरे के उत्सव को मनाया जिसमें सुकली के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों में भी इस अद्भुत नजारा को देखने के लिए विद्या भारती स्कूल के पास एकत्रित होकर मेला एवं हॉट बाजार का भी आनंद लिया शाम 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक सभी मस्ती में झूमते हुए रावण दहन स्थल पर पहुंचे एवं अपनी परंपरा के अनुसार पूजा पाठ कर कार्य को संपादित किया आदिवासियों के द्वारा यह उत्सव ग्राम सुकली में पहली बार किया गया|
जिसे देख कर सभी लोगों ने सराहना की कार्यक्रम मेl प्रमुख रूप से आज के युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा इस प्रकार आज के माहौल में बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ किसी प्रकार की कोई घटना नहीं घटी यह बहुत बड़ी बात है सभी लोग काफी उत्साहित नजर आए एवं आगामी कार्यक्रम को और बहुत बड़ी उत्साह के साथ मनाने का संकल्प लिया जिसमें प्रमुख रूप से आदिवासी परिवार के परदेसी गोड़, जगदेव गोड़, अमृत गोड़, लाखन गौड़, राकेश गोड़, अमरलाल गोड़ के साथ-साथ ग्राम के युवाओं ने भी कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया जिसमें प्रमुख रूप से मनीष सिंह, सौमित्र सिंह, वैभव सिंह, नमन सिंह, प्रीतम सिंह, रमन राठौर, कुशाल राठौर, राम कुमार कश्यप, मुरारी सिंह, धनेश कश्यप के साथ-साथ ग्राम पचेड़ा, मुनु न्द, धुरकोट के लोगों ने भी सहयोग प्रदान किया!




