सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर। शिक्षा को व्यवहारिक, रुचिकर एवं जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत उच्च प्राथमिक शाला छिनारी में शिक्षकों एवं ग्राम पंचायत के सहयोग से निर्मित साइंस लैब एवं पर्यावरण पार्क का विधिवत उद्घाटन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के छायाचित्र की पूजा-अर्चना के साथ की गई, तत्पश्चात फीता काटकर इस नवाचारी शैक्षणिक संरचना का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर नारायण मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला नारायणपुर, संतनाथ उसेंडी, सभापति संचार एवं सकर्म समिति, रमोली शोरी, जनपद सदस्य, मनोती गावड़े, सरपंच ग्राम पंचायत छिनारी के करकमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यालय परिसर में स्थापित गणित–विज्ञान पार्क एवं हर्बल गार्डन का भी अवलोकन किया और इन नवाचारों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों के आत्मीय स्वागत से हुई। उच्च प्राथमिक शाला छिनारी के शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों में विशेष उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला। यह आयोजन न केवल विद्यालय बल्कि संपूर्ण ग्राम छिनारी के लिए गर्व का विषय बना।
विद्यालय के प्रभारी विरेंद्र कुमार निषाद ने स्वागत उद्बोधन देते हुए साइंस लैब एवं पर्यावरण पार्क की स्थापना की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को विज्ञान और गणित जैसे विषयों में रुचि विकसित कराने तथा उन्हें प्रयोगों के माध्यम से समझाने के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की गई। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों के सामूहिक प्रयास, ग्राम पंचायत के सहयोग एवं ग्रामवासियों के श्रमदान से यह कार्य संभव हो सका।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में स्थापित साइंस लैब में भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान से संबंधित आवश्यक प्रयोग सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चे स्वयं प्रयोग कर अवधारणाओं को समझ सकें। प्रयोग आधारित शिक्षण से बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, तार्किक क्षमता एवं आत्मविश्वास का विकास हो रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण पार्क के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति, जैव विविधता, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने गणित–विज्ञान पार्क का अवलोकन किया, जहाँ गणितीय एवं वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं खेल-खेल में समझाने वाले मॉडल स्थापित किए गए हैं। इन मॉडलों से बच्चों में गणित का भय कम हो रहा है और सीखने के प्रति रुचि बढ़ रही है। वहीं विद्यालय परिसर में विकसित हर्बल गार्डन में विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया गया है, जिससे बच्चों को पारंपरिक ज्ञान, आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता प्राप्त हो रही है। नारायण मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष, ने शिक्षकों के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में इस प्रकार के शैक्षिक नवाचार पूरे जिले के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा का लाभ मिलेगा और यह जिले के शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में संतनाथ उसेंडी, सभापति संचार एवं सकर्म समिति, जिला पंचायत नारायणपुर ने बच्चों के लिए साइंस लैब एवं पार्क की उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि गतिविधि आधारित एवं प्रयोगात्मक शिक्षा से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों को इसी प्रकार नवाचार करते हुए शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में श्री कृष्ण नाथ गोटा, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नारायणपुर, ग्वाल सिंह ठाकुर, जिला परियोजना अधिकारी, उल्लास कार्यक्रम नारायणपुर, महेन्द्र पुजारी, प्रधान अध्यापक खड़कागांव सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ग्राम पंचायत छिनारी के समस्त पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता रही। पंचायत सहयोग,श्रमदान एवं सामुदायिक सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब विद्यालय और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो शिक्षा का स्तर नई ऊँचाइयों को छू सकता है।शिक्षकों के अनुसार, साइंस लैब, पर्यावरण पार्क, गणित–विज्ञान पार्क एवं हर्बल गार्डन का सीधा सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों पर दिखाई दे रहा है। बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ी है, वे कक्षा में अधिक सक्रिय हो रहे हैं और सीखने के प्रति उनकी रुचि में निरंतर वृद्धि हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कुल मिलाकर, उच्च प्राथमिक शाला छिनारी में साइंस लैब एवं पर्यावरण पार्क का उद्घाटन शिक्षा में नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध हुआ है।



