आज पंचायत भवन परिसर, ग्राम दमगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुई और घर वापसी कर अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ने वाले आदिवासी परिवार के 64 लोगों के पैर पखारकर उनका अभिनंदन किया।
आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का संवाहक रहा है। प्रकृति-पूजा, लोकदेवताओं की आराधना और सामुदायिक जीवनशैली हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। परंतु कुछ तत्व भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को प्रलोभन देकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब जनजातीय समाज स्वयं अपनी अस्मिता और विरासत को पहचान रहा है। घर वापसी किसी पर दबाव नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को पुनः स्वीकार करने का स्वैच्छिक निर्णय है, जो भारतीय अस्मिता की रक्षा से जुड़ा हुआ है।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। आदिवासी संस्कृति जल, जंगल और जमीन की रक्षा की भावना से जुड़ी है और इस अमूल्य विरासत को संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है और आदिवासी समाज के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समस्त मंडल अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष,जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



