चांदनी बिहारपुर से लाल बहादुर यादव कि रिपोर्ट*
*सूरजपुर -ओडगी*
यह एक बहुत ही भावुक और पर्यावरण से जुड़ी कहानी है वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा महुआ पेड़ को कटाना बहुत बड़ी गंभीर सवाल पैदा कर दी है
यह मामला सुरजपुर जिले केओडगी ब्लॉक ग्राम पंचायत खोड रेंज खोड इकाई क्रमांक 1 का है महुआ पेड़ मलिक देवमन यादव जंगल में महुआ बिनने के लिए जंगल गया तो देखा कि चार या पांच महुआ का पेड़ नीचे से महुआ को चारों तरफ काट दिया गया था जो की काटकर गिराया नहीं गया है इतनी दिमाग की तरह से काटा गया है कि वह पेड़ अपने आप दो-चार महीना सूखकर गिर जाएगा महुआ पेड़ का मालिक महुआ पेड़ को देख कर बहुत बड़ी सदमे मैं हो गया जंगल से घर लौटकर अपने ग्राम पंचायत में इसकी तत्काल सूचना दी ग्राम पंचायत के द्वारा ग्राम वासियों से पता लगाया गया तो काटने वाले का साथी सुरेंद्र सिंह और आदित्य सिंह ने बताया कि यह महुआ का पेड पैदल गार्ड परमात्मा सिंह फडवाचर रामपति सिंह के द्वारा जंगल की महुआ पेड़ की कटाई की गई है जानकारी मिलने पर महुआ पेड़ मलिक देवमन यादव ने ग्राम पंचायत में पंचायत करवाया तो पंचायत में महुआ काटने वाले गार्ड व फडवाचर को बुलाया गया तो उन लोगों ने अपनी गलती को कबूल किया पंचायत में दरोगा नवलदिन तिर्की गेम गार्ड अमित कुमार एवं समस्त ग्रामवासी पंच सरपंच उपस्थित रहे
इस घटना से पेड़ काटने वाले वन कर्मचारीयों से ग्राम वासियों में भारी आक्रोश है ग्राम वासियों का कहना है कि इन वन कर्मचारियों के ऊपर ठोस कार्रवाई करते हुए यहां से तत्काल प्रभाव से तीन दिवस के भीतर हटाया जाए अगर नहीं हटाया गया ग्राम वासी आंदोलन रास्ता अपनाएंगे
अब यह देखना है की ईतनी बड़ी जुर्म ठोस सबूत के साथ पाए जाने वाले कर्मचारियों के ऊपर विभाग एवं शासन क्या निर्णय लेती है




