अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर: शासकीय महामाया महाविद्यालय रतनपुर में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश सचिव राजा रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने महाविद्यालय के प्राचार्य को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र चुनाव कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते हुए एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में पिछले कई वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव न होने के कारण छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और उनकी समस्याएं प्रभावी रूप से प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्र संघ चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह छात्रों के अधिकार, सम्मान और भागीदारी की मजबूत बुनियाद है। इसके माध्यम से छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। वर्तमान स्थिति में चुनाव न होने से छात्रों के बीच निराशा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
एनएसयूआई द्वारा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत यह ज्ञापन सौंपा गया है।
इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं—प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तत्काल बहाली, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना, चुनाव कार्यक्रम (तिथि एवं प्रक्रिया) की शीघ्र घोषणा, छात्र प्रतिनिधियों को अधिकार एवं मान्यता प्रदान करना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए छात्र संघ व्यवस्था को पुनः लागू करना।
छात्र संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए गए, तो वे चरणबद्ध आंदोलन को तेज करेंगे और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने में एनएसयूआई प्रदेश सचिव राजा रावत के साथ मानस ताम्रकार, राघवेंद्र दुबे, आदित्य साहू, चिंटू कोशले, संस्कार राजपूत, प्रशांत जायसवाल, ओम ताम्रकार, वंश ताम्रकार सहित अनेक छात्र उपस्थित रहे।




