सवांदाता-लाल बहादुर यादव कि रिपोर्ट*
*सूरजपुर/भैयाथान:–* दिनांक 14 अप्रैल 2026 को जिले के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत केवटाली से सुंदरपुर शौकी तक बन रही करोड़ों रुपए की लागत वाली सीसी सड़क निर्माण कार्य अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और शासन के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन सीसी रोड में पानी का समुचित छिड़काव (क्योरिंग) नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कंक्रीट सड़क की मजबूती के लिए नियमित क्योरिंग बेहद आवश्यक होती है। इसके अभाव में सड़क की गुणवत्ता और दीर्घकालिक टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। करोड़ों रुपए की लागत वाली इस परियोजना में मानकों से समझौता किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मौके पर दिख रही स्थिति के अनुसार सड़क के ऊपर मुरूम, मिट्टी और पैरा बिछाकर निर्माण की वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश की जा रही है। इससे कार्य की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीसी रोड निर्माण के लिए तय तकनीकी मानकों और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन न होने के आरोप भी सामने आए हैं। यदि यह सही है, तो यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बन सकता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है, लेकिन अब तक स्थल पर समरी बोर्ड (सूचना पट्ट) नहीं लगाया गया है। नियमों के अनुसार योजना की लागत, एजेंसी और समयसीमा की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है। इसके अभाव में यह संदेह और गहरा हो रहा है कि कहीं जानबूझकर जानकारी छिपाई तो नहीं जा रही।
यदि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अब जाकर संबंधित अधिकारी को जानकारी मिल रही है, तो यह साफ संकेत देता है कि या तो निर्माण कार्य का नियमित निरीक्षण नहीं किया गया या फिर गंभीर लापरवाही बरती गई। इससे पूरी निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा है या फिर निगरानी में लापरवाही बरती है।
*बयान*
मामले में संबंधित इंजीनियर कल्याण सिंह पोर्ते ने कहा कि मुझे अभी इस विषय की जानकारी मिल रही है कि कहीं सड़क पर मिट्टी, मुरूम या अन्य सामग्री अनुचित तरीके से बिछाई गई है। मैं निरीक्षण के बाद ही उचित जवाब दे पाऊंगा। इंजीनियर के इस बयान ने निगरानी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।




