आधुनिक युग में जब बारात कारों और हेलीकॉप्टर से जाती है, तो वही नारायणपुर जिले के डुमरतराई देहारी परिवार के कुबेर देहारी और उनके परिवार ने बैलगाड़ी से बारात निकालकर भारतीय ग्रामीण संस्कृति और पुरानी परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया
यह पहल मुख्य रूप से खर्चीली शादियों को कम करने, और वर्तमान मे प्रधानमंत्री के आवाहन पेट्रोल डीजल कि कमी के साथ परंपराओं को जीवित रखने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है
आधुनिक युग में जब बारात कारों और हेलीकॉप्टर से जाती है, तब बैलगाड़ी से बारात निकालकर भारतीय ग्रामीण संस्कृति और पुरानी परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया गया
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक युवक ने बैलगाड़ी पर बारात निकालकर संस्कृति को सहेजने का संदेश दिया। जहाँ ढोल की जगह पुराने वाद्ययंत्रों का उपयोग किया गया। टेंट कि जगह पर पेड़ पौधों के पत्तों का डेकोरेशन किया जो पुरे जिले मे चर्चा का विषय बना हुआ है



