देवभोग:- खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही देवभोग और ग्रामीण अंचल के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। क्योंकि क्षेत्र के खाद-बीज व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें लूटने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देवभोग सहित आस-पास के दर्जनों गांवों में इन दिनों धड़ल्ले से नकली खाद और अमानक बीज बेचे जा रहे हैं। हद तो यह है कि किसानों को ठगने के लिए बकायदा फर्जी बिल थमाए जा रहे हैं, ताकि बाद में कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके।
क्षेत्र से मिल रही ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, देवभोग मुख्यालय समेत कई गांवों में यह काला कारोबार चरम पर है। ग्रामीण इलाकों में किराना दुकानों से लेकर अवैध रूप से खुले गोदामों में खाद-बीज का भंडारण किया गया है। किसानों का आरोप है कि इन दुकानों पर निर्धारित सरकारी दाम से कहीं अधिक दरों पर अवैध वसूली की जा रही है।
मुनाफाखोर व्यापारी भोले-भाले और कम पढ़े-लिखे किसानों को अपना शिकार बना रहे हैं। नियमानुसार खाद-बीज की बिक्री पर पक्का जीएसटी बिल दिया जाना अनिवार्य है, लेकिन यहां धड़ल्ले से सादे कागज या फर्जी फर्म के नाम पर हाथ से लिखे बिल थमाए जा रहे हैं।
अगर फसल खराब होती है या बीज अंकुरित नहीं होता, तो किसान के पास शिकायत करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं बचता। इसी का फायदा उठाकर व्यापारी बाद में साफ मुकर जाते हैं।
किसानों ने बताया कि बाजार में नामी कंपनियों के रैपर और बोरियों में नकली या बेहद कम गुणवत्ता वाली खाद और बीज भरकर बेचे जा रहे हैं। यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र के हजारों किसानों की मेहनत और पूंजी डूब जाएगी, जिससे अंचल में सूखे और भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
*कृषि विभाग की सुस्ती पर उठ रहे सवाल*
इतने बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और नकली सामग्री की बिक्री होने के बावजूद स्थानीय कृषि विभाग और जिला प्रशासन का अमला मौन साधे बैठा है।
क्षेत्र के जागरूक किसानों ने मांग की है। कि तुरंत सभी संदेहास्पद दुकानों और गोदामों पर औचक छापेमारी कर खाद, बीज की जांच एवं
फर्जी बिल थमाने वाले और अवैध वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियामा अनुसार कारवाही किया जाएं।
इस संबंध में बात करने के लिए देवभोग विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) श्री ललित रंजन यादव जी को 2 बार कॉल करने पर भी कॉल नहीं उठा गया।
मोबाइल नं, 79875 38588



