बुलंद टाइम्स न्यूज, नई दिल्ली। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को ‘सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री’ बताते हुए परीक्षा पेपर लीक और छात्र संकट पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाया जा रहा है और दोषियों को सजा नहीं मिल रही। राहुल गांधी ने कहा कि इस संकट में मेहनती युवाओं को पीटा जा रहा है, जबकि अपराधी आज़ाद घूम रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने मोदी को भारत के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री बताया और उन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का आरोप लगाया। गांधी ने दावा किया कि 152 परीक्षा पेपर लीक हुए और 7.5 करोड़ छात्र इससे प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े संकट के बावजूद किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को सजा नहीं दी गई।अखबार
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं – इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। 152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद – और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही – उनपर टूट पड़ी है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “ये हमारे बच्चे हैं” और केंद्र सरकार पर संसद में शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा न करने का आरोप लगाया। मानसून सत्र के पहले दिन संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जहां विपक्ष शिक्षा क्षेत्र के अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं इस मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम सब चर्चा की मांग कर रहे हैं। शिक्षा नीति में कई समस्याएं और बड़े मुद्दे हैं। फिर भी, आप इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं हैं; इसके बजाय, आप छात्रों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं। किसलिए? वे हमारे बच्चे हैं।
यह बयान तब आया जब संसद का मॉनसून सत्र हंगामेदार रहा; NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों और अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चंदे के कथित गबन को लेकर लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में बार-बार कामकाज में रुकावटें आईं। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के सदस्यों ने इन दोनों मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जिसके कारण बार-बार नारेबाजी हुई और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आखिरकार, दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई और अब ये मंगलवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू होंगी। मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।




