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“आखिर किसके संरक्षण में दबाए जा रहे हैं शासन जिला प्रशासन के आदेश?” — अमित भद्र
“अबूझमाड़ के बच्चों का भविष्य दांव पर, जिम्मेदार कौन?”
बुलंद टाइम्स न्यूज, नारायणपुर। जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर ने जिला प्रशासन पर राज्य शासन एवं शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेशों की खुली अवहेलना करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिला कांग्रेस का कहना है कि शासन द्वारा संलग्न शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद ओरछा (अबूझमाड़) सहित जिले के कई शिक्षकों को अब भी जिला कार्यालय एवं अन्य कार्यालयों में संलग्न रखा गया है। यह शासन के आदेशों की खुलेआम अवमानना है।
जिला कांग्रेस के जिला महामंत्री एवं जिला प्रवक्ता अमित भद्र ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को लेकर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बावजूद आज तक आदेशों का पालन नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
अमित भद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट रूप से संलग्न शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों द्वारा मनमानी करते हुए आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिले के ब्लाकों सहित ओरछा (अबूझमाड़) जैसे दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों के विद्यालय पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में वहां पदस्थ शिक्षकों को जिला मुख्यालय के कार्यालयों में संलग्न रखना वहां के विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है।
अमित भद्र ने जिला प्रशासन से तीखे सवाल पूछते हुए कहा—
“आखिर किसके दबाव में शासन सहित जिला प्रशासन कलेक्टर जी के आदेशों का पालन नहीं हो रहा? कौन है वह अधिकारी जो अपने निजी स्वार्थ और पसंद-नापसंद के आधार पर कुछ शिक्षकों को संरक्षण देकर शासन के आदेशों को चुनौती दे रहा है? क्या नारायणपुर जिले में अब शासन के आदेशों से ऊपर कुछ अधिकारी और उनका प्रभाव काम कर रहा है?”
उन्होंने कहा कि यदि शासन के आदेशों का पालन नहीं कराया जाता तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि शासन की मंशा के विरुद्ध कार्य माना जाएगा।
जिला कांग्रेस ने मांग की है कि जिले के सभी ब्लॉकों, विशेषकर ओरछा (अबूझमाड़) क्षेत्र के संलग्न शिक्षकों को तत्काल उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजा जाए तथा जिन अधिकारियों ने जानबूझकर आदेशों की अनदेखी की है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
अमित भद्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन एवं “हल्ला बोल” आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।




