बुलंद टाइम्स न्यूज़, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत देश भर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एथलीटों से ओलंपिक में अपनी भागीदारी बढ़ाने की अपील की। पीएम ने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक की तैयारियों के तहत उन खेलों में एथलीट तैयार करने चाहिए जिनमें पारंपरिक रूप से हमारा प्रतिनिधित्व बहुत कम या बिल्कुल नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उनकी क्षमता के मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बार, लाल किले से, मैंने देश का ध्यान खेलों में एक बड़ी चुनौती की ओर दिलाया। यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है। कड़वी सच्चाई यह है कि भारत की टीमें ओलंपिक का हिस्सा बनने वाले आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं। भारत की सीमित भागीदारी लंबे समय से एक चिंता का विषय रही है।
इसका सीधा असर कुल पदकों पर पड़ता है।हम मेडल टैली के बहुत बड़े हिस्से के लिए मुकाबला नहीं करते हैं। यह स्थिति काफी समय से है। 2012 के ओलंपिक्स में, भारत ने सिर्फ 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से ज्यादा खेलों में, हमारी सहभागिता नहीं थी। प्रधानमंत्री ने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों का जिक्र ऐसे क्षेत्रों के रूप में किया, जहां भारत देश की अलग-अलग जगहों को देखते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकता है।
उन्होंने कहा, ऐसे बहुत से खेल हैं जिनके नाम देश के लोगों ने शायद सुने होंगे। दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं। हम उन खेलों में हिस्सा नहीं लेते। हमें इन खेलों में भी पदक टैली बढ़ाने के लिए महारत हासिल करनी होंगी। उदाहरण के लिए, सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग में हम ऐसा कर सकते हैं।




