Oplus_131072
बुलंद टाइम्स न्यूज/योगेश्वर साहू
राजिम/फिंगेश्वर/छुरा। गरियाबंद अंचल में आज विश्वकर्मा जयंती हर्षोल्लास से मनाई जा रही है। राजिम, फिंगेश्वर, पाण्डुका, फुलझर, घटारानी और छुरा में राजमिस्त्री समाज ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर औजारों की पूजा की।
कौन हैं भगवान विश्वकर्मा…
शास्त्रों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार कहा जाता है। ये ब्रह्मा जी के पुत्र धर्म और धर्म की पत्नी वसु के पुत्र हैं। पुराणों में बताया गया है कि इन्होंने ही देवताओं के लिए सोने की लंका, द्वारका नगरी, पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ और भगवान कृष्ण के लिए सुदर्शन चक्र का निर्माण किया था।
इसलिए इन्हें निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है।
अंचल में ऐसा रहा माहौल…
आज सुबह से ही फुलझर, पाण्डुका, राजिम और छुरा में राजमिस्त्रियों ने अपने औजार हथौड़ा, करनी, फावड़ा, साहुल को साफ कर तिलक लगाकर पूजा की। फुलझर में मिस्त्रियों ने सामूहिक पूजन कर प्रसाद बांटा। राजिम और फिंगेश्वर में भंडारे का आयोजन किया गया।
कारीगरों का कहना है कि आज के दिन औजारों की पूजा करने से काम में बरकत आती है और साल भर काम अच्छा चलता है।




