याद राम साहू की रिपोर्ट :-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तोयेगोंदी में आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन का अधिकार देने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज मौके पर पहुंचा। शासन की मंशा आदिवासियों को उनके 300 एकड़ का एक बड़ा पट्टा देकर क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने की थी, लेकिन ग्रामीणों ने फिलहाल पट्टा लेने से इनकार कर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासियों को दी समझाइश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद मोहन मंडावी, मुख्यमंत्री के निज सचिव तुलसी कौशिक, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर, भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, डौंडीलोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम के साथ ही स्थानीय एसडीएम, तहसीलदार और प्रशासनिक अमला शामिल था।प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों को विस्तार से समझाया कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री आदिवासियों के उत्थान और अधिकारों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा आदिवासियों को उनकी ज़मीन का कानूनी हक दिलाना है ताकि वे अपनी संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
पूर्व सांसद मोहन मंडावी ने आदिवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “आज आपको जो पट्टा दिया जा रहा है, उसे आप स्वीकार कर लें। यदि इसके मिलान या कागजातों में किसी प्रकार की कोई दुविधा या दिक्कत हो, तो आप अधिकारियों से मिलें या हमें बताएं, उसका समाधान किया जाएगा। अपने हक की ज़मीन और अधिकार को न छोड़ें।”

गुमराह किए जाने और पट्टा अस्वीकार करने की स्थिति
अधिकारियों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद, कुछ लोगों के प्रभाव और बहकावे में आकर ग्रामीणों ने पट्टा लेने से मना कर दिया। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि कुछ बाहरी या निहित स्वार्थी तत्व बाकी आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं, जिससे अंततः आदिवासियों का ही नुकसान हो सकता है।
इस स्थिति को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे लोगों की पहचान कर जांच करने की बात कही है, जो आदिवासियों के विकास में रोड़ा बन रहे हैं।तोयेगोंदी में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल आदिवासियों ने पट्टा लेने से किया इनकार, गुमराह होने की जताई आशंका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि संवाद के जरिए गलतफहमी दूर की जाएगी ताकि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आदिवासियों को उनके अधिकार और क्षेत्र में विकास कार्यों का लाभ मिल सके।
आदिवासी जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के लोगों इस पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।




