सी.एल.साहू
ब्यूरो चीफ, कांकेर
सूकर पालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसे में शासन की अनुदान सहायता हितग्राहियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। योजना के तहत एक नर और दो मादा सूकर के लिए परिवहन सहित 25 हजार रुपये की लागत आती है। इसमें शासन द्वारा 22 हजार 500 रुपये अर्थात 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि शेष 2 हजार 500 रुपये हितग्राही को अपने अंशदान के रूप में जमा करने होते हैं। इस प्रकार कम अंशदान के माध्यम से हितग्राही सूकर पालन व्यवसाय प्रारंभ करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।




