सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर/रावघाट। रावघाट आयरन ओर परियोजना में कार्यरत केसीसीएल (KCCL) कंपनी के 417 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन संबंधी सुविधाओं, भविष्य निधि (PF), कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और विभिन्न भत्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इस संबंध में श्रमिकों ने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया है।
अल्टीमेटम के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
जय बूढ़ादेव श्रमिक संघ रावघाट खदान तथा परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पहले भी बीएसपी प्रबंधन, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। श्रमिकों का कहना है कि समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुई हैं। इसी के चलते कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
417 से अधिक कर्मचारियों से जुड़ा मामला
ज्ञापन में बताया गया है कि रावघाट आयरन ओर परियोजना में केसीसीएल कंपनी के अंतर्गत 417 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। श्रमिकों ने फरवरी 2026 से लंबित पीएफ सहित अन्य देय राशि का भुगतान करने और कर्मचारियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
श्रमिकों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
– फरवरी 2026 से लंबित पीएफ की राशि तथा संबंधित देय भुगतान किया जाए।
– कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए।
– खदान भत्ता, जोखिम भत्ता, धूल एवं कठिन कार्य भत्ता और ऊंचाई/गहराई भत्ता दिया जाए।
– कठिन क्षेत्र, आदिवासी क्षेत्र तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र से संबंधित पात्र विशेष भत्तों का भुगतान किया जाए।
– धुलाई, परिवहन, रात्रि पाली, कैंटीन और चिकित्सा भत्ता सहित अन्य देय सुविधाएं दी जाएं।
– ईएसआई की राशि नियमानुसार जमा की जाए और कर्मचारियों को संबंधित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
– पुराने कर्मचारियों के कौशल और अनुभव के अनुसार वर्गीकरण एवं पदोन्नति की जाए।
– साप्ताहिक अवकाश, राष्ट्रीय त्योहारों एवं अन्य पात्र अवकाशों का लाभ दिया जाए।
– कर्मचारियों को नियमानुसार बोनस, छुट्टी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।
– खदान एवं संबंधित कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
प्रबंधन और प्रशासन के सामने चुनौती
श्रमिकों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 23 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस आंदोलन से रावघाट परियोजना के कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। अब देखना होगा कि निर्धारित तिथि से पहले कंपनी प्रबंधन, बीएसपी और जिला प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।.




