रुपचंद जैन बुलंद टाइम्स बालोद
गुंडरदेही (बालोद)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा रविवार को त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं सम्पूर्ण ग्राम विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन ब्रह्माकुमारीज पाठशाला, वरदानी भवन, गुंडरदेही में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, अध्यक्ष जिला पंचायत बालोद द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अध्यक्षता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी जी, क्षेत्रीय संचालिका नवापारा-राजिम ने की। मुख्य वक्ता के रूप में गरियाबंद जिले के खड़मा सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी जी उपस्थित रहीं।
मंच पर विशेष अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम चन्द्राकर, जिला अध्यक्ष सरपंच संघ क्रांतिभूषण साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष लेखराम साहू, संरक्षक दोषण साहू, जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर, श्रीमती मीना साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रीना डोमन देशमुख, ममता सेन, संध्या खरे, हेमपुष्पा साहू, जयता राम साहू, योगेश्वर साहू सहित गुंडरदेही विकासखंड के सैकड़ों सरपंचगण उपस्थित रहे।
वरदानी भवन गुण्डरदेही के संचालिका ममता बहन ने स्वागत उदबोधन में समस्त अतिथियों का स्वागत सम्मान करते हुए ब्रह्माकुमारीज के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन करना और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से समाज में शांति एवं नैतिक मूल्यों की स्थापना तथा व्यसन मुक्त बनाना है l
मुख्य अतिथि ने कहा – संस्कार से ही आएगी गांव में बहार
मुख्य अतिथि तारणी चन्द्राकर ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा विश्व शान्ति द्वारा समाज का कल्याण तथा गांव-गांव में चलाया जा रहा नशामुक्ति और संस्कार अभियान सराहनीय है। शासन की योजनाओं में प्राण तब आते हैं जब गांव में संस्कार, एकता और पवित्रता हो। आध्यात्मिकता के बिना विकास अधूरा है अतः हम सब आध्यात्मिकता को अपना कर जीवन में सुख शान्ति प्राप्त कर सकते हैं l
पुष्पा दीदी बोलीं – हर गांव को बनाना है शिवालय
अध्यक्षीय उद्बोधन में पुष्पा दीदी ने कहा, पंचायत का अर्थ पंच-परमेश्वर है। सच्चा विकास तन-मन-धन तीनों का विकास है। नैतिक-चारित्रिक बल से ही पारदर्शी प्रशासन संभव है। नारी दो कुल नहीं, पूरे गांव का उद्धार करती है।
अंशु दीदी ने दिए पांच सूत्र
मुख्य वक्ता अंशु दीदी ने कहा, एक योगी सरपंच पूरे गांव को निरोगी बना सकता है। उन्होंने सम्पूर्ण विकास के पांच सूत्र दिए – 1. मन सच्चा-कर्म अच्छा, 2. व्यसन मुक्त ग्राम, 3. नारी का सम्मान, 4. अन्न के साथ मन की शुद्धता और 5. आत्मनिर्भरता।
विशेष अतिथियों ने लिया संकल्प
जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम चन्द्राकर ने कहा – सच्चा विकास भवन से नहीं भावना से होता है। क्रांतिभूषण साहू ने कहा – सरपंच का सबसे बड़ा दायित्व युवाओं को नशे से बचाना है, हर गांव में राजयोग क्लास शुरू होना चाहिए। लेखराम साहू और दोषण साहू ने कहा – नैतिक बल के बिना कोई सरपंच सफल नहीं हो सकता। व्यसन मुक्त ग्राम ही सपनों का ग्राम है। संस्था द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिध का ईश्वरी सौगात भेंटकर सम्मान किया गया l
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माभोजन के साथ सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने ग्राम को आदर्श, व्यसन मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन बी के संजय भाई ने किया l उपरोक्त कार्यक्रम में गुंडरदेही पाठशाला के बी के भाई लेख राम योगेश कीर्तन नरेन्द्र कुमार सतीश कुमार शेखर विशाल भाई के साथ साथ आसपास के भाई बहन बहुत अधिक संख्य में उपस्थित रहे




