सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों और लगातार हो रही बारिश के बीच सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की है। अबूझमाड़ के इंद्रावती एरिया कमेटी क्षेत्र, जिसे लंबे समय से नक्सलियों का सेफ जोन माना जाता रहा है, में सुरक्षाबलों ने कुड़मेल में नया कैंप स्थापित किया है।
यह नया कैंप नारायणपुर–बीजापुर मार्ग को सीधा जोड़ने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है। इस क्षेत्र में अब सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास तेजी से संभव होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल ग्रामीणों का जीवन आसान होगा, बल्कि माओवादियों की गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
रणनीतिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि
कुड़मेल कैंप की स्थापना को नक्सल उन्मूलन और विकास दोनों की दिशा में एक अहम रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। यह कैंप वर्ष 2024-25 में नारायणपुर जिले में स्थापित 12वां नया सुरक्षा कैंप है।
अब तक जिले में 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 99 नक्सली मुठभेड़ों में ढेर किए गए, और 118 गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस का मानना है कि क्षेत्र में सुरक्षा कैंपों की संख्या बढ़ने से नक्सलियों का जनसंपर्क नेटवर्क कमजोर हो रहा है और स्थानीय जनता विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रही है।
सुरक्षा बलों की संयुक्त भूमिका
नवीन कैंप की स्थापना में DRG, बस्तर फाइटर्स, और ITBP की 29वीं, 38वीं, 44वीं व 45वीं वाहिनियों का विशेष योगदान रहा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद सुरक्षाबलों ने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
एसपी रॉबिनसन गुड़िया ने दी जानकारी
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने बताया कि यह अभियान क्षेत्र में शांति और स्थायी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी कैंप स्थापित किए जाएंगे, ताकि अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में विकास की रोशनी पहुंचे और नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो सके।
इस नई पहल से न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि ग्रामीणों में विश्वास और उम्मीद की नई लहर भी देखी जा रही है।



