अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। नगर में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, उन्हीं की आंखों के सामने यदि काला कारोबार फल-फूल रहा हो तो सवाल उठना लाज़मी है। रतनपुर तहसील कार्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर संचालित माँ तारा कोल डिपो आज इसी सवाल का केंद्र बन चुका है। आरोप है कि यहां लंबे समय से मिलावटी व अवैध कोयले का कारोबार खुलेआम जारी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नजर नहीं आए हैं।
तहसील कार्यालय से इतनी नजदीकी के बावजूद
कोयले से लदे भारी ट्रक दिन-रात शहर के अंदरूनी मार्गों से गुजर रहे हैं,
बिना किसी जांच-पड़ताल के डिपो में कोयला खाली किया जा रहा है,
न तो परिवहन नियमों का पालन हो रहा है और न ही प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का।
यह सब कुछ ऐसे स्थान पर हो रहा है, जहां प्रशासन की सतत निगरानी अपेक्षित है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
माइनिंग से लेकर थाना तक—हर जगह गोलमोल जवाब
जब इस मामले में माइनिंग विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो फोन उठना मुनासिब नहीं समझा गया। वहीं थाना स्तर पर जानकारी मांगे जाने पर केवल “जांच कर कार्रवाई” का आश्वासन दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं, बल्कि किसी बड़े संरक्षण या मिलीभगत की ओर इशारा करती है।

प्रदूषण और सुरक्षा का गंभीर खतरा
माँ तारा कोल डिपो से उड़ती कोयले की धूल आसपास के रहवासी इलाकों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।
हवा में घुलती धूल से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है,
भारी ट्रकों की आवाजाही से सड़कों पर हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है,
नगर की जर्जर सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इन सबके बावजूद पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के नियम केवल फाइलों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।
जनता के सवाल—जवाब कौन देगा?

नगरवासियों का साफ कहना है—
क्या तहसील कार्यालय के इतने पास होने के बावजूद अवैध गतिविधि दिखाई नहीं देती?
क्या बिना किसी उच्चस्तरीय संरक्षण के ऐसा कारोबार संभव है?
या फिर कार्रवाई से पहले किसी “इशारे” का इंतजार किया जा रहा है?
अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए
रतनपुर की जनता अब सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। तहसील कार्यालय के साए में चल रहा यह कथित काला कारोबार प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिह्न है।
नगर की मांग है कि
माँ तारा कोल डिपो की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो,
अवैध व मिलावटी कोयले के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए,
और दोषी अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।




