सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
बस्तर संभाग। CRMC (छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कोर) प्रोत्साहन राशि के 12 माह से लंबित भुगतान को लेकर बस्तर संभाग के सभी जिलों में स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन दूसरे दिन भी उसी जोश, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। मंगलवार को भी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं उपस्वास्थ्य केंद्र (SHC) में OPD सेवाएँ पूर्णतः बंद रहीं।
नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर (जगदलपुर) जिलों में डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, RMA एवं ANM ने काली पट्टी पहनकर विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट कहा कि केंद्रीय सरकार द्वारा CRMC मद की राशि जारी किए जाने के बावजूद राज्य स्तर पर आदेश न निकलना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
आंदोलन को अब राज्य स्तरीय संगठनों का खुला समर्थन भी प्राप्त हो गया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन , छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फ़ेडरेशन एवं इंडियन मेडिकल एसोसियेशन ने CRMC भुगतान की मांग को जायज़ बताते हुए आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त की है।उल्लेखनीय है पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर बस्तर संभाग के स्वास्थ्यकर्मियों की लंबित CRMC राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है ।
आंदोलनरत डॉक्टरों ने कहा कि जनहित में 12 महीनों तक धैर्य रखा गया, लेकिन लगातार आश्वासनों के बावजूद भुगतान नहीं होने से अब संघर्ष के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने दोहराया कि आपातकालीन सेवाएँ, ट्रॉमा केयर और जीवनरक्षक उपचार पूरी तरह चालू हैं, जिससे किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही CRMC भुगतान का आदेश जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि चल रहे विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा तत्काल घोषणा कर भुगतान आदेश जारी किए जाएँ।



