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बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
बिलासपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित विश्वविख्यात सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ बुधवार को पूरे वैदिक रीति-रिवाज, मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। नवरात्रि के प्रथम दिवस मंदिर में प्रातःकाल विधिवत घटस्थापना की गई, जिसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित पड़ोसी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां महामाया के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों और शंख-घंटियों की ध्वनि से पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
घटस्थापना के बाद मंदिर के गर्भगृह में मुख्य ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया। इसके साथ ही मां भगवती का विशेष श्रृंगार, वैदिक मंत्रोच्चार, दुर्गा सप्तशती के पाठ तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से मां महामाया की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

मंदिर के पुजारी सतीश शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दौरान शक्ति की उपासना, देवी आराधना एवं तांत्रिक साधनाएं की जाती हैं। नौ दिनों तक प्रतिदिन मां महामाया की विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन, आरती एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना से ज्योति कलश भी प्रज्ज्वलित कराते हैं और विशेष अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
मां महामाया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता एवं पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई तक प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान निरंतर आयोजित किए जाएंगे। ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं से मंदिर की गरिमा बनाए रखते हुए सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन करने की अपील भी की गई है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना, शक्ति उपासना एवं सिद्धियों की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान साधक विशेष साधनाएं करते हैं, वहीं सामान्य श्रद्धालु भी मां भगवती की आराधना कर जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।
रतनपुर का सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर देश के प्रमुख शक्ति उपासना केंद्रों में से एक माना जाता है।वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का आगमन होता है, लेकिन गुप्त नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। आगामी नौ दिनों तक मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहेगा और प्रतिदिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।



