गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर
जशपुर। अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना के खिलाफ जशपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। थाना दुलदुला क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर में महिला पर टोनही का आरोप लगाकर मारपीट कराने के मामले में पुलिस ने दो फरार बैगाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 8 नवंबर 2025 का है, जब पीड़िता फौसी बाई ने थाना दुलदुला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक महिला की मृत्यु के बाद कुछ बैगाओं ने मृतका को तंत्र-मंत्र के जरिए जिंदा करने का दावा किया। जब वे इसमें असफल रहे, तो उन्होंने गांव की एक महिला पर टोनही होने का आरोप लगाया, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने महिला के साथ मारपीट की।
जांच में सामने आया कि मृतका सुनीता भगत रायपुर में रहती थी और निजी कार्य से गांव आई थी, जहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। परिजनों ने संदेह के चलते अंधविश्वास में आकर बैगाओं से संपर्क किया और उन्हें रकम भी दी। तंत्र-मंत्र के असफल होने के बाद निर्दोष महिला को निशाना बनाया गया।

इस मामले में पुलिस पहले ही मृतका के परिजनों समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। वहीं, दो बैगा आरोपी रत्थू राम चौहान (53 वर्ष) और विरनची महतो (63 वर्ष) घटना के बाद से फरार थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम लेंथरा से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। उनके कब्जे से तंत्र-मंत्र में प्रयुक्त बंदर की हड्डी भी जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2) एवं टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक अलेक्सियूस तिग्गा और अकबर चौहान की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि टोनही जैसी कुप्रथाएं समाज के लिए घातक हैं और इस तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी तरह की प्रताड़ना की सूचना तुरंत पुलिस को दें।



