चांदनी बिहरपुर से लाल बहादुर यादव की रिपोर्ट:-
सूरजपुर ; सूरजपुर जिले के दूरस्थ, पहाड़ी एवं आदिवासी बहुल चांदनी–बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। क्षेत्र में पहले से ही स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी बनी हुई है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पदस्थ सेकंड एएनएम को मनमाने ढंग से अन्य स्थानों पर अटैच कर दिया गया, जिससे महुली उप स्वास्थ्य केंद्र लगभग नहीं मिल पा है।
सूत्रों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र महुली में नियुक्त सेकंड एएनएम को पुनः दूसरे स्थान पर अटैच कर दिया गया, जिसके कारण यहां बीते एक वर्ष से डिलीवरी सेवा पूरी तरह बंद है। यही नहीं, इससे पहले भी महुली उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सेकंड एएनएम को अटैच कर अन्यत्र भेज दिया गया था, जिसके बाद से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
डिलीवरी, टीकाकरण और मातृ-शिशु सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी, टीकाकरण, प्रसव पूर्व एवं पश्चात जांच, नवजात शिशु देखभाल तथा प्राथमिक उपचार जैसी मूलभूत सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में महिलाओं को प्रसव के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर जाना पड़ता है, जहां भी समय पर सुविधा मिलना मुश्किल हो जाता है।

सीमावर्ती क्षेत्र होने से बढ़ी परेशानी, मध्यप्रदेश में हो रहे प्रसव
स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और क्षेत्र के सीमावर्ती होने के कारण अधिकांश गर्भवती महिलाओं को पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न तक ले जाया जा रहा है। नजदीकी होने से अब कई महिलाओं का प्रसव छत्तीसगढ़ के बजाय मध्यप्रदेश में हो रहा है, जो राज्य सरकार की मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आदेश के बावजूद महुली में नहीं मिली एएनएम
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, दिनांक 24 नवम्बर 2025 को आदेश क्रमांक 7136 जारी किया गया था, जिसमें
सुमन साहू, द्वितीय एएनएम (अनारक्षित),
पिता – श्री रामवृक्ष साय,
मूल पदस्थापना – उप स्वास्थ्य केंद्र महुली, विकासखंड ओडगी,
स्पष्ट रूप से दर्ज है।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा उन्हें अन्य स्थान पर अटैच कर दिया गया, जिससे महुली उप स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी और टीकाकरण सेवाएं वर्षों से प्रभावित बनी हुई हैं।
एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
महुली उप स्वास्थ्य केंद्र पर महुली, कोल्हूआ, चोगा, करौटी, खोहीर, रामगढ़, बैजनपाठ, लूल्ह, तेलाईपाठ, भून्डा, कछवारी, जूडवनीया सहित एक दर्जन से अधिक गांव निर्भर हैं, लेकिन केंद्र के निष्क्रिय होने से हजारों ग्रामीण बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की इस कथित मनमानी को लेकर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि—
अटैच किए गए एएनएम कर्मियों को तत्काल उनके मूल पदस्थापन स्थल पर वापस भेजा जाए,
दूरस्थ क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त स्वास्थ्य स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की जाए,
उप स्वास्थ्य केंद्र में बिजली, पानी एवं प्रसव सुविधा तुरंत बहाल की जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की होगी।



