जशपुर | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन शंखनाद लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इसी अभियान के तहत चौकी सोन क्यारी क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 05 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, वहीं 02 गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
ग्रामीण की सूचना से हुआ खुलासा
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 29 दिसंबर 2025 को ग्राम कोयली बथान निवासी जगदेव राम (44 वर्ष) ने चौकी सोन क्यारी पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि वह अपने साथियों के साथ दोपहर करीब 02 बजे निजी कार्य से कोयली बथान से बलादरपाठ की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में दो व्यक्ति कुछ गौ वंशों को हांकते हुए ले जाते दिखाई दिए। संदेह होने पर ग्रामीणों ने उन्हें रोका और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
मौके पर दबिश, दो संदिग्ध धराए
सूचना मिलते ही चौकी सोन क्यारी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए ग्राम कोयली बथान में दबिश दी। मौके पर पुलिस को दो संदिग्ध 05 नग गौ वंशों के साथ मिले, जिन्हें हिरासत में लिया गया।
झारखंड ले जाने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम किशोर मिंज एवं बुलकन तिर्की, दोनों निवासी ग्राम सरईटोली, थाना सन्ना, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) बताए। आरोपियों ने बताया कि गौ वंशों को झारखंड राज्य के ग्राम गोविंदपुर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गौ वंशों के खरीददारों की पहचान कर ली है, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश जारी है।
दस्तावेज नहीं मिले, गौ वंश सुरक्षित
पुलिस द्वारा गौ वंशों से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग किए जाने पर आरोपी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सभी 05 गौ वंशों को सकुशल बरामद कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जिसमें सभी स्वस्थ पाए गए।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में अग्रिम विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोन क्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक विशाल गुप्ता एवं आरक्षक विमल मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के खिलाफ अत्यंत संवेदनशील है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।



