चांदनी बिहारपुर (सूरजपुर)। सूरजपुर जिले के पहाड़ी एवं वनांचल क्षेत्र चांदनी–बिहारपुर में इस वर्ष ठंड ने असाधारण रूप धारण कर लिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते सुबह करीब 7 बजे तक घरों के बाहर, खेतों, घास और फसलों पर बर्फ की सफेद चादर जमी हुई दिखाई दे रही है। ठंड का यह नजारा जहां लोगों के लिए प्राकृतिक सौंदर्य का दृश्य बन गया है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह गंभीर संकट का संकेत भी माना जा रहा है।
पहाड़ी अंचल में ठंड का ज्यादा असर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चांदनी–बिहारपुर क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां ठंड का असर मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक है। रात होते ही तापमान तेजी से गिर जाता है और तड़के सुबह तक खेतों में पाला जम जाता है। कई गांवों में लोग सुबह देर तक घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
सब्जी फसलों पर पाले का सीधा हमला
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पाला पड़ने से सब्जी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। टमाटर, आलू, मटर, गोभी, बैंगन, फूलगोभी और पत्तेदार सब्जियों की फसलों पर पाले का असर साफ दिखाई देने लगा है। कई खेतों में पौधों की पत्तियां झुलसने लगी हैं और कुछ जगह फसल खराब होने की स्थिति बन गई है। यदि ठंड का यह दौर कुछ दिन और जारी रहा तो उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।
सब्जियों के दाम बढ़ने की आशंका
किसानों और व्यापारियों का मानना है कि पाले से यदि फसलों को व्यापक नुकसान हुआ तो बाजार में सब्जियों की आवक घटेगी। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा और सब्जियों के दाम एक बार फिर बढ़ सकते हैं। पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक और परेशानी बन सकती है।
जनजीवन प्रभावित, अलाव का सहारा
कड़ाके की ठंड से जनजीवन भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गांवों में जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं। सुबह-शाम ठंडी हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान कर रहे बचाव के प्रयास
पाले से फसलों को बचाने के लिए किसान पारंपरिक उपाय अपना रहे हैं। रात के समय खेतों में धुआं करना, हल्की सिंचाई करना और फसलों को ढकने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार गिरते तापमान ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
आगे और बढ़ सकती है ठंड
मौसम के जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, वहीं आम नागरिकों से भी ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की जा रही है।



