ईश्वर सिंह प्रधान की रिपोर्ट :-
रतनपुर की प्राचीन गज किला में आरपीएफ की बैंड ग्रुप के द्वारा मनाया गया वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ इस ऐतिहासिक पल में नगर के वरिष्ठ नागरिक जन एवं 15 वार्ड की अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद रहे साथ ही इतिहास की धरोहर, आस्था की भूमि और संस्कृति की पहचान कही जाने वाली धार्मिक नगरी रतनपुर ने अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण देखा।
77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय के निर्देशन में देशभर में आयोजित हो रही सैन्य बैंड प्रस्तुतियों की श्रृंखला में आज रतनपुर के गौरवशाली रतनपुर किला (हेरिटेज) परिसर में भव्य, अनुशासित और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत सैन्य बैंड प्रस्तुति जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह , एडिशनल एस पी मधुलिका सिंह ,एस डी एम कोटा नितिन तिवारी , एस डी ओ पी कोटा नूपुर उपाध्याय औऱ जिला के सभी विभाग के आला अधिकारियों की उपस्थिति में हुई।

वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 7 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और यह पूरे देश में इस ऐतिहासिक गीत के महत्व को दर्शाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, क्योंकि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में लिखा था.
मुख्य बातें:
शुरुआत: प्रधानमंत्री ने 7 नवंबर, 2025 को दिल्ली में साल भर चलने वाले इस उत्सव का उद्घाटन किया और एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया.
उत्सव का उद्देश्य: ‘वंदे मातरम’ के क्रांतिकारी और देशभक्तिपूर्ण भावना को युवाओं से जोड़ना और इसकी विरासत को मजबूत करना है.
कार्यक्रम: पूरे देश में ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ और सोशल मीडिया अभियान चलाए जा रहे हैं.
ऐतिहासिक महत्व: यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक शक्तिशाली नारा बना और इसे 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला.



