चांदनी बिहार पुर से लाल बहादुर यादव की रिपोर्ट :-
बिहारपुर। जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महुली से एक बेहद दुखद और चिंताजनक वन्यजीव घटना सामने आई है। यहां लगभग दो वर्ष के तेंदुआ सावक की खुले कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह घटना मानव बस्तियों और जंगल के बीच बढ़ते संपर्क और उससे उत्पन्न खतरे को उजागर करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदुआ सावक बीती रात भोजन की तलाश में जंगल से गांव की ओर भटक आया था। महुली क्षेत्र गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और घने वन क्षेत्र से सटा हुआ है, जिसके कारण यहां जंगली जानवरों की आवाजाही अक्सर बनी रहती है। आशंका है कि शिकार की तलाश में भटकते हुए तेंदुए का बच्चा गांव के पहाड़पारा इलाके में पहुंच गया।
गांव के मुख्य मार्ग से करीब 200 मीटर दूर खेत में मनरेगा योजना के तहत बनाया गया एक कुआं खुला हुआ था। रात के अंधेरे में तेंदुआ सावक इस कुएं को देख नहीं सका और सीधे उसमें गिर गया। कुएं की गहराई अधिक होने और बाहर निकलने का कोई सहारा न होने के कारण वह घंटों तक अंदर फंसा रहा। अनुमान है कि करीब 12 से 15 घंटे तक संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई।

सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर गए तो उन्होंने कुएं में किसी बड़े जानवर को मृत अवस्था में तैरता देखा। पास जाकर देखने पर तेंदुए का शव नजर आया, जिसके बाद गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस मंडल अध्यक्ष शिशुपाल जायसवाल को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन को मामले से अवगत कराया गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग बिहारपुर की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ डी.पी. साहू की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। रेंजर मेवा लाल पटेल सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त दल ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद रस्सियों और उपकरणों की मदद से तेंदुआ सावक के शव को कुएं से बाहर निकाला गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग दो वर्ष आंकी गई है। बिहारपुर वन विभाग कार्यालय में पोस्टमार्टम कर सरकारी प्रक्रिया के तहत तेंदुआ सावक का दाह संस्कार किया गया। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं को सुरक्षित ढंग से ढकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



