गणेश भोय ब्यूरो चीफ :-
जशपुर : पुरना नगर के तुरीटोंगरी जंगल में मिली एक अज्ञात अधजली लाश के मामले में जशपुर पुलिस ने महीनों की गहन जांच के बाद हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल में मृतक की पत्नी को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं और एक नाबालिग बालक को विधि से संघर्षरत बालक/बालिका घोषित किया गया है।
कुएं नहीं, जंगल में जलाई गई थी लाश
दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को थाना सिटी कोतवाली जशपुर को सूचना मिली थी कि ग्राम पुरना नगर स्थित तुरीटोंगरी जंगल में एक गड्ढे में किसी व्यक्ति का अधजला शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि शव का अधिकांश हिस्सा जल चुका था और प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मृत्यु का कारण हत्यात्मक पाया गया।
शव की पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती
शव की हालत अत्यंत खराब होने के कारण उसकी पहचान कर पाना पुलिस के लिए कठिन चुनौती बन गई। पुलिस ने आसपास के थानों में शव की तस्वीरें भेजीं, गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले और मुखबिर तंत्र के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली।
इसी दौरान दिसंबर 2025 में मृतक के भाई ने पुलिस से संपर्क कर संदेह जताया कि उसका भाई महावीर राम भगत (49 वर्ष) दिवाली के बाद से लापता है और उसकी पत्नी सुमित्रा भगत द्वारा उसे ढूंढने में कोई रुचि नहीं ली जा रही।
डीएनए जांच से खुला राज
पुलिस ने मृतक के बच्चों के डीएनए सैंपल और अधजले शव के अवशेषों का फोरेंसिक परीक्षण कराया। डीएनए रिपोर्ट के मिलान से यह स्पष्ट हो गया कि अधजली लाश महावीर राम भगत, निवासी गड़ियोटोंगरी, चौकी मनोरा की ही है।
पत्नी पर गहराया शक, पूछताछ में कबूलनामा
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी अपने बच्चों के साथ जशपुर में अलग रह रही थी। घटना के दिन मृतक अंतिम बार अपनी पत्नी के घर गया था।
संदेह के आधार पर पुलिस ने सुमित्रा भगत (50 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्त और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
इस तरह की गई हत्या
आरोपिया ने बताया कि 18 अक्टूबर की सुबह उसका पति हाथ में छोटी गैंती लेकर उसके घर आया, जिससे वह डर गई। दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर उसने गैंती छीनकर पति के सिर और चेहरे पर वार किया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
घटना के समय घर में मौजूद उसकी दो नाबालिग बेटियों ने भी इस अपराध में उसका साथ दिया। रात में शव को ठिकाने लगाने के लिए पड़ोस के एक नाबालिग बालक की मदद ली गई।
पहचान मिटाने की कोशिश, पेट्रोल डालकर जलाया शव
चारों ने मिलकर शव को लकड़ी की बल्ली से बांधा और तुरीटोंगरी जंगल ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया, ताकि पहचान न हो सके।
हत्या में प्रयुक्त सामान जब्त
पुलिस ने आरोपिया की निशानदेही पर
- हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती
- पेट्रोल ले जाने की सफेद जरकीन
- घटना में उपयोग की गई टॉर्च
जब्त कर ली है।
कानूनी कार्रवाई
मामले में थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 103(1), 238(क) एवं 61(2)(क) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि तीनों नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में 7 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग से यह अंधा कत्ल सुलझ सका।
एसएसपी का बयान
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा—
“जशपुर पुलिस ने एक जटिल और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाकर यह साबित किया है कि अपराध चाहे जितना पुराना या सुनियोजित हो, कानून से बचा नहीं जा सकता।”



