बीरेंद्र चतुर्वेदी कि रिपोर्ट :-
सुकमा (छत्तीसगढ़) — जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश लखमा के नेतृत्व में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “मनरेगा बचाओ, गरीबों का हक दिलाओ” जैसे नारे लगाए और ज्ञापन सौंपा।
मंच से संबोधित करते हुए हरीश लखमा ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है। इसे कमजोर करने या इसके नाम में बदलाव की किसी भी कोशिश को कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून का मूल नाम ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA)’ था, जिसे 2 अक्टूबर 2009 को महात्मा गांधी के नाम से जोड़ा गया।

लखमा ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर ‘VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण)’ किए जाने से देश की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने मांग की कि योजना का मूल स्वरूप और नाम बरकरार रखा जाए। “मनरेगा ने ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा दी है। इसके नाम और स्वरूप से छेड़छाड़ गरीब-विरोधी कदम है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है और इसे कमजोर करने का प्रयास गरीबों के अधिकारों पर हमला है।
सुकमा से उठी यह आवाज अब प्रदेश और देश स्तर पर गूंजने लगी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या केंद्र सरकार सुकमा की इस आवाज को सुनेगी या राजनीतिक टकराव और तेज होगा।




