अमित दुबे की रिपोर्ट :-
सिल्ली मोड़। क्षेत्र के प्रसिद्ध भय हरण मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत पुराण कथा का आज श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में भव्य समापन हुआ। मंदिर के मुख्य महंत दयाराम त्यागी की देखरेख में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का नेतृत्व मुख्य यजमान हरिराम यादव एवं दुखन बाई यादव ने किया।
कथा के अंतिम दिवस पर कथावाचक भगवती महाराज पं. गौकरण दास वैष्णव ने भक्तों को महिषासुर, रक्तबीज और चंड-मुंड वध की देवी कथा का भावपूर्ण वर्णन सुनाया। उनके ओजस्वी एवं सरस प्रवचन से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान करते हुए जयकारों के साथ वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

कथा समापन के पश्चात विधि-विधान से हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके साथ ही कन्या भोज, ब्राह्मण भोज एवं साधु-संतों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई। भव्य भंडारे में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला। श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपने जीवन को कृतार्थ किया और धर्मलाभ प्राप्त किया।
भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता का यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण का संदेश देकर संपन्न हुआ।



