सुशासन तिहार 2026
राजस्व विभाग के प्रकरण को समय सीमा में निराकरण करना सुनिश्चित करें – जितेन्द्र शुक्ला
हितग्राहियों को प्रदाय किया गया प्रधानमंत्री आवास की चाबी, राशनकार्ड, जन्म और जाति प्रमाण पत्र
नारायणपुर, 12 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु राज्य में शुरू किए गए सुशासन तिहार के प्रति नारायणपुर जिलेवासियों एवं आवेदकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत कलेक्टर नम्रता जैन के आदेशानुसार अंतर्गत ग्राम गोहड़ा में सुशासन शिविर आयोजित किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है।
10 जून तक चलने वाला यह अभियान जिला प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ने का प्रयास है, जहां लोगों की समस्याएं सुनी ही नहीं जाएंगी, बल्कि मौके पर ही समाधान देने की व्यवस्था भी की गई है। समाधान शिविरों के जरिए मौके पर ही फाइल तैयार हो रही है और वहीं तुरंत निपटारा भी किया जा रहा है। इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों के साथ-साथ मनरेगा की लंबित मजदूरी, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली, पेयजल, आधार कार्ड, राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन, पेंशन, श्रम कार्ड, जैसी विभिन्न विभागों के योजनाओं से लाभ लेने विशेष रूप से शामिल किया गया है। इन शिविरों में केवल आवेदन स्वीकार करने तक सीमित नहीं है बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जा रहा है और प्रत्येक आवेदन का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
ग्राम गोहड़ा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में नयानार, कुढ़ारगांव, चांदागांव, बागबेड़ा, रेमावण्ड, नेलवाड़, टिमनार और मालिंगनार के ग्रामीणों ने शामिल होकर अपनी अपनी समस्याओं के निराकरण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभागों की जानकारी देते हुए योजनाओं के बारे में बताया और योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया। शिविर में लगाए गए स्टॉलों का जिले के प्रभारी सचिव जितेन्द्र शुक्ला एवं कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा निरीक्षण करते हुए जानकारी लिया गया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से अब तक प्राप्त कुल आवेदनों के संबंध मंे जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने पंजी का अवलोकन कर आवेदन पत्रों के स्वरूप के संबंध में भी जानकारी ली।
जिले के प्रभारी सचिव जितेन्द्र शुक्ला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में एक साल पहले से ही अंदरूनी क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो गया है, जिसमें जिला प्रशासन की बहुत बड़ी योगदान है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिला अब नक्सल मुक्त हो गया है। राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों के माध्यम से पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि जिले के ग्राम पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारियों की भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायतों में रजिस्टर उपलब्ध करा कर रजिस्टर में योजनाओं से संबंधित जानकारी आंकलन करने की बात कही। इसके लिए जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी के रूप में निरीक्षण करने निर्देशित किया। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के सचिव सरपंचों की बैठक लेकर निरंतर समीक्षा करते रहे। उन्होंने कलेक्टर से अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतरीन रूप से अमल करें। जिले के स्कूली बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करते हुए जिले को नवाचार के रूप में विकसीत करने का कार्य करें। जिले के प्रभारी सचिव श्री शुक्ला ने जिले में संचालित सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से सभी प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध कराने निर्देशित किया। उन्होंने वनो से आछादित क्षेत्र होने के कारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों को वनोपज से लाभाविंत करने उपस्थित डीएफओ को निर्देशित किया। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्व विभाग के प्रकरणों को समय सीमा के भीतर निराकृत करने की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, जिसके तहत् आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने हेतु सरकार द्वारा सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाया जा रहा है, जहां आम लोगों की समस्या का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को सरकार योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुकयारीन सलाम, सरपंच मालिंगनार श्रीमती ललिता वड्डे, सरपंच टिमनार मोतिराम वड्डे, सरपंच रेमावण्ड श्रीमती जुनाय सलाम, सरपंच नेलवाड़ सुलमा करंगा, सरपंच उड़िदगांव श्रीमती रामबती करंगा, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकेटेशा एमजी, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेले, उप संचालक समाज कल्याण श्यामसुंदर रैदास सहित जिला स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
शिविर में समाज कल्याण विभाग अंतर्गत 04 वृद्धजनों को सहायक उपकरण छड़ी एवं व्हील चेयर, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 06 हितग्राहियों को आवास की चाबी, स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत 03 हितग्राहियों स्थायी सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र, राजस्व विभाग अंतर्गत 04 हितग्राहियों को डिजीटल किसान किताब एवं 02 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, खाद्य विभाग अंतर्गत 08 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड, कृषि विभाग अंतर्गत 03 हितग्राहियों को स्वाईल हेल्थ कार्ड, मत्स्य विभाग अंतर्गत 02 हितग्राहियों को मछली जाल तथा श्रम विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना से 01 हितग्राही को 01 लाख रूपये और मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से 01 हितग्राही को 20 हजार रूपये का चेक जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रदाय किया गया। शिविर में ग्रामीणों के द्वारा मांग एवं समस्या संबंधी 161 आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसका शीघ्र निराकरण किया जाएगा। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत जनप्रतिनिधि एवं जिले के प्रभारी सचिव जितेन्द्र शुक्ला के द्वारा गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।



